ओवरलोडिंग से मुक्त होगा जिला, मिलेगी बेहतर आपूर्ति
हापुड़। जिले में अब उपभोक्ताओं को ओवरलोडिंग की समस्या से छुटकारा मिलेगा। वहीं बेहतर विद्युत आपूर्ति भी मिलेगी। इसके लिए विद्युतीकरण के कार्य में 10 और 16 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर को बदलकर उनकी जगह 25 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जिले में ऐसे करीब एक हजार ट्रांसफार्मर हैं, जिन्हें अब बदलने का कार्य शुरू हो जाएगा। वहीं अब नए ट्रांसफार्मर भी कम से कम 25 केवी क्षमता के ही लगाए जाएंगे। एमडी के आदेश के बाद इन ट्रांसफार्मर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
शासन की मंशा घर-घर तक बिजली पहुंचाना है इसके लिए विद्युतीकरण का कार्य जोरों पर है। हापुड़ जिला में बिजली व्यवस्था पर गौर करें तो यहां ट्रांसफार्मरों की संख्या 3500 से भी अधिक है। मोदीनगर रोड पर वर्कशॉप बनाई गई है जिसमें ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का काम चलता है। अब से पहले जिन स्थानों पर कम कनेक्शन की संख्या होती थी वह 10 या 16 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा दिया जाता था। 10 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर की लागत जहां करीब 34000 रुपए आती थी। वही 16 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर करीब 84000 रुपए में लगाया जाता था।जिले में 10 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर ओं की संख्या करीब 840 है, जबकि 16 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर 180 से अधिक है। इन दिनों वर्कशॉप में इस तरह के ट्रांसफार्मरों की मरम्मत करना चुनौती बन गया है। वजह मरम्मत में जहां अधिक लागत आ रही है। वहीं, इनका सामान ढूंढ़ पाना भी चुनौती भरा साबित हो रहा है। इसके चलते ट्रांसफार्मरों की मरम्मत न हो पाने के चलते बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित होती है। मामले की गंभीरता पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने तत्काल प्रभाव से इस तरह के ट्रांसफार्मर पर पूर्णता रोक लगा दी है।
बता दें कि हापुड़ जिले में लगे एक हजार से अधिक इन ट्रांसफार्मरों की लागत करीब 4 करोड़ से अधिक है। ऐसे में निगम को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। इसके अलावा इनके स्थान पर नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे जो अधिक क्षमता के होंगे। इन्हें लगाने में भी निगम को करीब 10 करोड़ रुपए तक खर्च करने होंगे।
एमडी को प्रेषित की जा रही रिपोर्ट
- पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी के आदेश के बाद हापुड़ जिले से ट्रांसफार्मर संबंधी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिसे जल्द ही एमडी कार्यालय प्रेषित कर दिया जाएगा।
नए संयोजन में शामिल नहीं किए जाएंगे ट्रांसफार्मर
- नए कनेक्शन का एस्टीमेट देते समय अब 10 और 16 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर शामिल नहीं किए जाएंगे। नए संयोजनों के लिए 25 या 63 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर शामिल किए जाएंगे।
कोट
अधीक्षण अभियंता यूके सिंह ने बताया कि एमडी के आदेशों का पालन कराया जाएगा। नए कनेक्शन देते समय अब 10 और 16केवी के क्षमता के ट्रांसफार्मर को मंजूरी नहीं दी जा सकेगी।