मिलावटी दूध प्लांट पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम का छापा
हापुड़। जिले में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध के खेल का खुलासा होने के बाद भी यह खेल बदस्तूर चल रहा है। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ततारपुर बाईपास स्थित इस ठिकाने पर छापा मारा। मौके से टीम ने कैंटर से उतारे गए दूध के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। कैंटर से दूध उतारने का यह मामला गत दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा था।
लेकिन देहात पुलिस इस गिरोह की तरफ से आंखें मूंदे बैठी है। देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत ततारपुर बाईपास पर हाईवे किनारे दिल्ली-गाजियाबाद की ओर जाने वाले दूध के टैंकरों से दूध चोरी करने और इतनी ही मात्रा में दूध में मिलावट कर टैंकरों को आगे रवाना करने के वीडियो गत सप्ताह वायरल हुआ था। लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। शुक्रवार सुबह खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले की शिकायत के बाद यहां छापा मारा गया। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही दूध के कैंटर यहां से निकल गए। लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके पर कैनों में भरा दूध मिल गया। टीम द्वारा मौके से दूध के सैंपल लिए गए हैं।
लाइसेंस होने पर भी नहीं दे सके जानकारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि मौके से करीब दो क्विंटल दूध मिला था। जिसके सैंपल जांच के लिए भेज गए हैं। जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि दूध कलेक्शन का लाइसेंस तो है लेकिन लाइसेंस धारक यह नहीं बता पाए कि उनके यहां दूध कहां-कहां से आ रहे हैं। मामले की जांच के लिए पुलिस को भी सूचना दी जाएगी।
पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर उठ रहे सवाल
मिलावट खोर और दुग्ध माफियाओं द्वारा बनाए गए ठिकानों पर टैंकरों से दूध चोरी करके इनमें मिलावट का खेल हो रहा है। दूध के टैंकर इन ठिकानों के अंदर जाते हैं और पंप के माध्यम से एक टैंकर से करीब दो क्विंटल दूध निकाल लिया जाता है। जबकि इतनी ही मात्रा में टैंकर के दूध में मिलावट कर दी जाती है और इसे आगे के लिए रवाना कर दिया जाता है। बड़ी बात है कि नामी कंपनियों के टैंकरों से दूध चोरी के बढ़ते मामलों के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। वीडियो वायरल होने के बाद से देहात पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहा है। उनके क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध का खेल हो रहा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कुल मिलाकर इस ठिकाने के अलावा जिले में करीब छह सात ऐसे सक्रिय ठिकाने और हैं, जहां पुलिस के संरक्षण में इस प्रकार का खेल हो रहा है।
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा का कहना है कि अवैध रूप से होने वाली दूध की चोरी के संबंध में सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे। किसी भी कीमत पर इस प्रकार की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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त्यौहार से पहले सक्रिय हो गए मिलावट खोर -
त्यौहार सिर पर हैं। ऐसे में मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। बड़े पैमाने पर दूध और खोए में मिलावट का खेल खेला जा रहा है। नकली घी से तैयार मिठाइयां दुकानों पर सज चुकी हैं। अफसोस कि मिलावटखोरों पर नकेल कसने वाला खाद्य विभाग मौन हैं।
पहले नवरात्र है और फिर दशहरा और दिवाली का त्योहार है। वहीं शादियों का सीजन भी अब शुरू होने वाला है। ऐसे में बाजार में मिलावटी मिठाइयों का कारोबार बड़े पैमाने पर होगा। इसे देखते हुए क्षेत्र में मिलावटी दूध का कारोबार तेज हो गया है। अकेले नगर में ही दर्जनों स्थानों पर नकली खोया और सिंथेटिक दूध बनाया जाता है। कुल मिलाकर इस मामले को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया तो इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ेगा।