देहात में बिजली की अघोषित कटौती से ग्रामीणों में रोष
हापुड़। बिजली की आंख मिचौली से बाबूगढ़ और देहात में हाहाकार मचा हुआ है। 12 घंटे तक आपात कटौती की जा रही है। जिसके कारण लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने देहात को 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने की घोषणा की थी लेकिन रोस्टर अनुरूप बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र को पूरे दिन में आठ से 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है। इस दौरान अंधाधुंध शट डाउन से बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। परेशान किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। मानूसन की बारिश न हो तो अधिकतर फसलें सूखने लगती हैं। लोग हैंडपंपों का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। बढ़ती कटौती के कारण लोगों का पारा भी बढ़ने लगा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो विवश होकर विद्युत निगम के खिलाफ आंदोलन करना पड़ेगा।
एसडीओ प्रभव हरित का कहना है कि अधिकतर गांवों में नियमानुसार बिजली दी जा रही है। गांव में 18 घंटे और जंगल में दस घंटे बिजली देने के आदेश हैं। कुछ गांवों में एबीसी तार बिछाने का कार्य कराया जा रहा है। बारिश के बाद सभी क्षेत्रों की समस्या दूर हो जाएगी।
-----
छतनौरा गांव प्रधान सुमित कुमार का कहना है कि बिजली संकट ने चौतरफा रुला दिया है, लेकिन किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। जल्दी ही बिजलीघर का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।
शेखपुर जैतपुर की प्रधान सुनीता देवी का कहना है कि गांव की सप्लाई दस घंटे और देहात की सप्लाई केवल आठ घंटे की मिल पा रही है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान हाबिसपुर बिगास राजेंद्र पाल का कहना है कि देहात क्षेत्रों में बिजली सप्लाई नियमानुसार न होने के कारण दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं। यह स्थिति तब है जब ग्रामीण बिजली का बिल समय पर देते हैं।
ग्राम प्रधान मतनौरा लोकेश कुमार का कहना है कि गांव की बिजली सप्लाई दत्तियाना बिजली घर से जुड़ी है। गांव में लो वोल्टेज की भी समस्या है। जिससे दैनिक कार्य के अलावा खेतों की सिंचाई भी प्रभावित होती है।