भाकियू ने शुगर मिल अधिकारियों को हवालात में कराया बंद
हापुड़। गन्ना भुगतान के साथ ब्याज दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को भाकियू ने बृजनाथपुर शुगर मिल और हाफिजपुर थाने पर धरना प्रदर्शन किया। वार्ता को पहुंचे शुगर मिल के तीन अधिकारियों को बंधक बनाकर पुलिस के सुपुर्द कर हवालात में बंद करा दिया। वहीं हाईवे जाम करने की चेतावनी से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में एसडीएम समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। करीब 6 घंटे चले आंदोलन के बाद मिल के जीएम ने गन्ना समिति को पांच करोड़ का चेक सौंपा, इसके बाद ही किसानों ने धरना समाप्त किया।
जिले के किसानों का शुगर मिलों पर लगभग 500 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर भी करीब 92 करोड़ रुपये की बकायेदारी है। लंबे समय से गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू व किसान मिल प्रबंधन व प्रशासन से मांग कर रहे थे। लेकिन आश्वासन के अलावा भुगतान नहीं हो रहा था। जिससे गुस्साई भाकियू ने मंगलवार को शुगर मिल के बाहर पर धरना देने का एलान कर दिया।
मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने सुबह करीब 11 बजे बृजनाथपुर शुगर मिल पर धरना शुरू कर दिया। काफी देर चली वार्ता के बाद भी जब राहत नहीं मिली तो कार्यकर्ता हाफिजपुर थाने के लिए कूच कर गए और वहां धरने पर बैठ गए।
एक साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को देख पुलिस कर्मियों में भी अफरा तफरी मच गई। इस दौरान एक पुलिस कर्मी ने कार्यकर्ताओं से यह कह दिया कि बैठने का विचार है या फोटो खिंचाकर चले जाएंगे। इस पर कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि थाना प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। भाकियू के पदाधिकारी सतवीर सिंह, धनवीर शास्त्री, कुशलपाल आर्य, ज्ञानेश्वर त्यागी, दिनेश खेड़ा, यशवीर चौधरी के नेतृत्व में धरना शुरू कर दिया गया। इस दौरान हापुड़ गन्ना समिति के सचिव और शुगर मिल के कुछ अधिकारी वार्ता के लिए धरना स्थल पर पहुंच गए। जबकि कार्यकर्ता जीएम से वार्ता करने की बात पर अड़े थे। ऐसे में अन्य अधिकारियों को देख वह भड़क उठे।
आनन फानन में शुगर मिल के तीनों अधिकारियों को बंधक बना लिया। करीब एक घंटा जीएम के आने का इंतजार किया। लेकिन वह नहीं आ सके, इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर, तीनों अधिकारियों को हवालात में बंद कराया। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम सत्यप्रकाश ने भी किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह भुगतान की मांग पर ही अड़े रहे। इस मौके पर रामपाल सिंह, समरपाल सिंह, टेनपाल सिंह, बबली त्यागी, कुलदीप त्यागी, सौरभ उपाध्याय, अनुराग त्यागी, राहुल त्यागी, पुनीत शर्मा, धर्मवीर त्यागी, विकास चौधरी, मुकेश त्यागी, राजकुमार त्यागी, महेश जाटव, जुगवेंद्र, भगतराम सिंह, खेमचंद जाटव, परम जीत, उदयवीर मुखिया, सुशील त्यागी, सुबोध त्यागी, मुकेश त्यागी आदि मौजूद रहे।
मिल प्रबंधक ने मांगी माफी
शाम करीब साढ़े चार बजे जीएम परमेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे, जिन्हें देख कार्यकर्ताओं ने जमकर खरी खौटी सुनानी शुरू कर दी। भरी पंचायत में जीएम को माफी मांगनी पड़ी। इस दौरान गन्ना समिति को उन्होंने पांच करोड़ रुपये का चेक सौंपा। जिससे किसानों का भुगतान कराया जाएगा। हालांकि किसानों ने यह पैसा ब्याज के रूप में देने को कहा। लेकिन जीएम द्वारा मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने की बात कही। जिसके बाद यह पैसा भुगतान के रूप में देने पर सहमति बनी।
पुलिसकर्मियों से हुई नोकझोंक
गन्ना भुगतान को लेकर हाफिजपुर थाने में धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों से भी नोकझोंक हुई। एक साथ इतने कार्यकर्ताओं को देखकर पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। वहीं जब मिल के तीन अधिकारी वार्ता करने के लिए पहुंचे तो कार्यकर्ता रोष में आ गए तथा तीनों को हवालात में बंद करने के लिए हंगामा करने लगे। हालांकि इस दौरान पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। लेकिन भाकियू कार्यकर्ताओं के रोष को देखते हुए तीनों अधिकारियों को हवालात में बंद करना पड़ा।