दरोगा की पिस्टल छीनकर भाग रहा दुष्कर्मी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार
गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़। एक सप्ताह तक दो जिलों की पुलिस को छकाने वाला छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी आखिरकार शुक्रवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी को गजरौला के गांव मोहम्मदपुर के जंगल से गिरफ्तार कर पुलिस घटनास्थल पर जांच के लिए ले जा रही थी। अचानक आरोपी ने दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया वहीं एक फायर भी झोंका। लेकिन मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। पैर में गोली लगने से घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गढ़मुक्तेश्वर खादर क्षेत्र में छह अगस्त को छह वर्षीय बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी दलपत को पुलिस ने गजरौला के गांव मोहम्मदपुर के जंगल से दबोच लिया। गिरफ्तारी से पहले आरोपी ने पुलिसकर्मियों के साथ जमकर हाथापाई भी की। पुलिस आरोपी को पूछताछ के लिए गढ़ कोतवाली ले आई। जहां से उसे घटनास्थल पर जांच के लिए ले जाया गया। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर जांच के दौरान कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार और एसआई अमित सिंह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ क्राइम सीन की जांच कर रहे थे। तभी दलपत ने एसआई अमित सिंह से पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायर झोंक दिया। गनीमत रही कि किसी पुलिसकर्मी को गोली नहीं लगी।
पुलिस से बचकर भाग रहे आरोपी को जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लग गई। आनन फानन में उसे गढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। कुल मिलाकर सात दिन बाद आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जिले की पुलिस ने राहत की सांस ली है।
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जंगलों में केवल पानी पीकर गुजारे तीन दिन --
घटना के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए एसपी संजीव सुमन ने बताया कि आरोपी की पहचान उसकी बाइक की पहचान करने के बाद की गई। बाइक तक पहुंचने के बाद पुलिस आरोपी तक भी पहुंच गई। पहचान उजागर होने के बाद आरोपी जंगलों में जा छिपा। शुरूआती तीन दिन वह जंगल में बिना कुछ खाये भागता रहा। इस दौरान उसने केवल पानी पर ही गुजरा किया। इसके बाद उसने एक रात फतेहपुर गांव में एक व्यक्ति के घर खाना खाया। उन्होंने बताया कि आरोपी गजरौला क्षेत्र के आसपास स्थित आठ गांवों के सीमा क्षेत्र में इधर से उधर भटकता रहा।
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दूर के रिश्तेदार से मिल रही थी आरोपी को मदद -
एसपी ने बताया कि उसकी ससुराल पक्ष के एक दूर के रिश्तेदार की ओर से आरोपी को मदद मिल रही थी। उसके द्वारा उसे खाना भी खिलवाया गया था। इतना ही नहीं सुसाइड नोट छोड़ने का प्लान भी इसी व्यक्ति ने आरोपी को दिया था। जिसके बाद आरोपी ने सुसाइड नोट लिखकर कपड़ों के साथ एक स्थान पर छोड़ दिए थे, ताकि पुलिस को गंगा में कूदकर आत्महत्या की झूठी थ्योरी में गुमराह किया जा सके। लेकिन सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में कॉबिंग तेज कर दी, जिससे उसे दबोचा जा सका। अब पुलिस मदद करने वाले रिश्तेदार को गिरफ्तार करने में जुट गई है।
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आरोपी के सरेंडर की भी चर्चा -
सात दिन से पुलिस को चकमा दे रहे जिस आरोपी को हापुड़ पुलिस गिरफ्तार करने का दावा ठोक रही है, चर्चाएं हैं कि आरोपी ने खुद ही पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। एक कथित पत्रकार ने उच्चाधिकारियों को भरोसे में लेकर आरोपी को पुलिस के हवाले किया।