ब्रजघाट गंगा घाट के पास जलभराव गंदगी
गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट में गंगा तट किनारे घाटों के पास पड़ा गंदगी का अंबार स्वच्छता अभियान को पलीता लगाने के साथ ही बीमारियों को भी न्योता दे रहा है, लेकिन पालिका-प्रशासन की अनदेखी के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
केंद्र और प्रदेश सरकार गंगानगरी ब्रजघाट को पर्यटक और तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद में जुटी हुई है, जिसे लेकर विभिन्न विभागों द्वारा गंगानगरी में सुंदरीकरण के काम चल रहे हैं, लेकिन इसके उल्ट गंगा के स्नानघाटों के निकट पड़ा गंदगी का अंबार स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सफाई न होने के कारण बदबू से लोगों का जीना मुहाल है, वहीं संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी संभावना बनी हुई है।
बोले लोग
- गंगानगरी निवासी जीतू कौशिक का कहना है कि शमशानघाट और स्नानघाट के बीच सफाई व्यवस्था सुचारू न होने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बरसात के मौसम में पानी जमा होने के कारण कूड़े से बदबू उठने लगी है। जिससे भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बीमारियों के पनपने का भी खतरा बना हुआ है।
- तीर्थ पुरोहित केशव शर्मा का कहना है कि गंगा के स्नानघाट और तीर्थ पुरोहितों के स्थान के पास कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, आसपास के ढाबा संचालक अपना कूड़ा भी घाटों के पास डाल देते हैं। जिससे तीर्थ पुरोहितों के घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं पूजा-अर्चना भी सही ढंग से नहीं हो पाती।
- स्थानीय नागरिक ललित गुर्जर का कहना है कि गंगानगरी में प्रतिदिन बाहर से श्रद्धालुओं का आगमन होता है, गंगा तट पर पड़ी गंदगी और कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू श्रद्धालुओं के सामने गंगा नगरी की गलत तस्वीर बनती है। लेकिन पालिका-प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
कोट
पालिका ईओ संजीवन राम का कहना है कि ब्रजघाट में प्रतिदिन सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है। प्रतिदिन गंगा के घाटों समेत मुख्य बाजारों और सड़कों की सफाई कराई जाती है, स्नानघाट के निकट विशेष अभियान चलाकर सफाई कराई जाएगी, वहीं लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।