मेरठ, गाजियाबाद के बॉर्डर सील, वाहनों की लगी लंबी कतारें
हापुड़। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा जिले से सटे गाजियाबाद व मेरठ जिलों को लाक डाउन कर दिया गया है। जिसके चलते सोमवार को मेरठ और गाजियाबाद जाने वाले रास्तों को पुलिस ने सील कर दिया। ऐसे में सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और अफरा-तफरी का माहौल रहा।
कोरोना वायरस जिस तेजी से फैल रहा है। इससे बचने के लिए राज्य सरकार एहतियातन जरूरी कदम समय रहते उठाना चाहती है। मेरठ और गाजियाबाद जिलों को लॉक डाउन करने के बाद सोमवार को मेरठ रोड पर धीरखेड़ा के पास व गाजियाबाद बॉर्डर के पास बेरिकेडिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। इन रास्तों से गुजरने वाले वाहनों को सड़क पर ही रोक दिया गया। जिसके कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया।
पुलिस ने केवल उन्हीं वाहनों को अंदर जाने की अनुमति दी जिन्हें लॉक डाउन में एक जिले से दूसरे जिले में जाने की अनुमति है। इस स्थिति को देखते हुए दोनों स्थानों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग पुलिसकर्मियों से उलझते नजर आए। जिसके कारण कई बार तनावपूर्ण स्थिति भी बन गई। हालांकि पुलिस कर्मियों ने लोगों को समझा-बुझाकर वापस भेजा।
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा का कहना है मेडिकल सेवाएं सरकारी कर्मचारियों, जरूरी आपूर्ति की सेवाएं, मीडिया कर्मियों के अलावा किसी भी वाहन को इन शहरों के लिए गुजरने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में आम नागरिक जारी नियमों का पालन करें और बिना किसी ठोस हो जा के घरों से ना निकले। सरकार द्वारा जारी नियमों का पालन करें। तभी इस वायरस से जंग जीती जा सकती है।
लॉक डाउन से करीब 25 हजार लोग प्रभावित
- दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा व मेरठ जिलों के लॉक डाउन होने की स्थिति में हापुड़ के हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इन शहरों में नौकरी करने के लिए जिले से करीब 25 हजार लोग प्रतिदिन आवाजाही करते हैं। जिलों की सीमा सील होने के बाद इन लोगों का इन शहरों में पहुंचना मुश्किल होगा। इन लोगों में बहुत से लोग मजदूर हैए जो मजदूरी के लिए इन शहरों का रुख करते हैं। आवाजाही बंद होने के कारण इन लोगों को आर्थिक परेशानियों से भी जूझना पड़ सकता है।