धीरखेड़ा स्थित नमकीन प्लांट में मशीन के वॉल पर सील लगाते प्रदूषण अधिकारी
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प्रदूषण फैलाने पर धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री का बॉयलर सील
हापुड़। प्रदूषण के बढ़ते प्रकोप को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी मेेरठ के आदेश पर प्रशासन और प्रदूषण विभाग की संयुक्त टीम ने धीरखेड़ा की फैक्ट्रियों में छापेमारी कर लगे संयंत्रों की जांच की। आनन-फानन में एक फैक्ट्री के इलैक्ट्रिक बॉयलर को सील कर दिया। जबकि दूसरी पर कार्रवाई के लिए लखनऊ रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। हालांकि फैक्ट्री प्रबंधन ने दावा किया कि उक्त बॉयलर से प्रदूषण नहीं फैल रहा था।
प्रदूषण के भयंकर प्रकोप को लेकर शासन और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। प्रदेश भर में वायु ग्रेडिंग प्लान लागू है, लेकिन बहुत सी औद्योगिक इकाईयां नियमों को ताक पर रख प्रदूषण फैला रही हैं। बुधवार को डीएम मेरठ के निर्देश पर प्रशासन व प्रदूषण विभाग की टीम ने धीरखेड़ा स्थित एक फूड्स फैक्ट्री पर छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान जांच में पता चला कि फैक्ट्री में लगे संयंत्र प्रदूषण को रोकने में नाकाम हैं। आनन फानन में अधिकारियों ने इस फैक्ट्री के इलैक्ट्रिक बॉयलर को सील कर दिया।
इसके अलावा एक केमिकल एंड मेटल फैक्ट्री का भी निरीक्षण किया। यहां लगे बॉयलर से काला धुआं निकल रहा था। ईंधन के रूप में स्टीम कॉल का प्रयोग किया जा रहा था। वायु प्रदूषण व्यवस्था ठीक नहीं थी। अधिकारियों ने इस फैक्ट्री पर कार्रवाई के लिए लखनऊ रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा।
प्रदूषण विभाग के अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान प्रदूषण फैला रही दो फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की गई है। एक का बॉयलर सील किया है, जबकि दूसरे की रिपोर्ट लखनऊ भेजी जा रही है। कार्यवाही के दौरान आईआईए के पदाधिकारी भी वहां पहुंच गए थे जिन्होंने उक्त कार्यवाही का विरोध करते हुए फिलहाल सिर्फ चेतावनी देकर कार्यवाही पूरी किए जाने की मांग की। उनका कहना था कि किसी भी फूड फैक्ट्री के बॉयलर को सील किए जाने से वहां भारी नुकसान हो सकता है। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई, अब यह पदाधिकारी मेरठ जाकर अधिकारियों से वार्ता करेंगे।