रोडवेज के रंग में दौड़ रहीं 40 डग्गामार बसें, लगा रही लाखों का चूना
जतिन त्यागी
हापुड़। जिले के विभिन्न मार्गों पर रोडवेज के रंग में फर्राटा भर रही डग्गामार बसों पर कार्रवाई के लिए रोडवेज के अधिकारियों ने सर्वे किया है। इसमें 40 बसें ऐसी मिली हैं, जो रोडवेज की तरह दिखती हैं। यात्रियों से रोडवेज का किराया वसूलकर विभाग को भी चूना लगा रही हैं। अधिकारी इन बसों की सूची फोटो व नंबर प्लेट के साथ परिवहन निगम के भेजने क ी तैयारी कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि हापुड़ डिपो से विभिन्न मार्गों पर 110 बसों का संचालन होता है। इनमें सबसे अधिक बसें हापुड़ दिल्ली मार्ग पर दौड़ती हैं। क्योंकि इस मार्ग पर सबसे ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इसी का फायदा उठाकर कौशांबी से गढ़ के बीच दर्जनों की संख्या में डग्गामार वाहन फर्राटा भरते हैं।
आश्चर्य की बात यह है की ये डग्गामार बसें रोडवेज की तरह दिखती हैं। इन्हें रोडवेज के रंग में रंग दिया गया है। जिससे यात्री गुमराह होकर इन बसों में सफर कर रहे हैं। लेकिन सुरक्षा और सुविधा के नाम पर उन्हें ठगा जा रहा है। इस संबंध में परिवहन निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायतें हो चुकी है। लेकिन चुनिंदा बसों पर कार्रवाई कर अधिकारी अपनी पीठ थपथपा लेते हैं।
इसका खुलासा रोडवेज के अधिकारियों की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार हापुड़ जिले की सीमा से होकर प्रतिदिन करीब 40 डग्गामार बसें रोडवेज के रंग में मार्गों पर दौड़ रही हैं। इन बसों की फोटो नंबर प्लेट सहित रोडवेज अधिकारियों ने जुटा ली हैं।
इस रिपोर्ट को परिवहन निगम को भेजी जा रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अब डग्गामार वाहनों पर बड़ा एक्शन लिया जाएगा। वहीं, डग्गामार वाहन संचालकों ने भी अपने आकाओं को तलाशना शुरू कर दिया है। ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि अधिकारी कितनी शक्ति से अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाऐंगे।
शासन को लग रहा लाखों का चूना
रोडवेज के रंग रूप में दौड़ रही डग्गामार बसों से ना सिर्फ रोडवेज को नुकसान हो रहा है। शासन को भी प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 40 डग्गामार बसें प्रतिदिन हाईवे पर दौड़ती हैं। बसों को इनके चालक सड़कों पर बेतरतीब तरीके से दौड़ाते हैं, जल्द गंतव्य तक पहुंचने की होड़ में कई बार वह अन्य वाहनों को टक्कर तक मार देते हैं लेकिन परिवहन निगम के अधिकारियों को इसकी तनिक भी चिंता नहीं है। ऐसे में शासन की नजर टेढ़ी हुई तो कई पर गाज भी गिर सकती है।
-अधिकारी कहिन-
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एनपी सिंह का कहना है कि 40 बसों की सर्वे रिपोर्ट फोटो व नंबर प्लेट के साथ परिवहन निगम के अधिकारियों को भेजी जा रही है। कार्रवाई का अधिकार परिवहन निगम के पास है। जल्द ही इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।