सौ साल पुराने पेड़ बनेंगे राष्ट्रीय धरोहर, संजोएगा वन विभाग
हापुड़। जिले में सौ साल से पुराने हो चुके पेड़ों को वन विभाग द्वारा संजोया जाएगा। इन्हें राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर बाकायदा इनकी विशेष देखरेख की जाएगी। शासन के निर्देश पर वन विभाग ने जिले में ऐसे पौधों को संजोना शुरू कर दिया है। इन पौधों का विशेष रूप से संरक्षण किया जाएगा।
ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए सरकार का पौधारोपण पर विशेष जोर है। इसके तहत नौ अगस्त को जिले में वृह्द पौधारोपण कर 16 लाख से ऊपर पौधे रोपे गए थे। इसके साथ साथ अब सरकार उन पौधों को भी संजोएगी, जिनकी उम्र सौ साल से ऊपर है। शासन ने ऐसे पेड़ों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में घोषित करेगी। इसके लिए सबसे पहले वन विभाग को इनके चिन्हीकरण का कार्य सौंपा गया है। जिले में वन विभाग द्वारा इनके चिन्हीकरण की शुरूआत तीर्थ नगरी गढ़ से की है। फिलहाल गढ़ में ऐसे आठ पेड़ों को चिन्हित कर लिया गया है। इन पेड़ों में अधिकतर बरगद और पीपल के हैं।
अपर सांख्यकीय अधिकारी ममित राणा ने बताया कि निर्देशों के अनुपालन में सौ वर्ष पुराने पेड़ों का चिन्हीकरण कार्य जारी है। पूरे जिले में ऐसे पेड़ों को चिन्हित कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
पेड़ों की होगी देखभाल
- पुराने पेड़ जहां पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, वहीं इनपर बड़ी संख्या में पक्षियों का बसेरा होता है। पक्षियों की तरह तरह की प्रजातियां इन पेड़ों को अपना बसेरा बनाती हैं। ऐसे में इन पेड़ों को सहेजने से इन प्रजातियों को भी सहेजा जाएगा। जिसके लिए वन विभाग द्वारा इन पेड़ों की विशेष देखभाल की जाएगी।
इन स्थानों को किया गया चिन्हित
- ग्राम पूठ में दो पीपल, दो बरगद
- गढ़ मेला मार्ग पर एक पीपल
- गढ़ मेरठ मार्ग हिरनपुरा पुलिस चौकी के पास दो बरगद
- गढ़ नक्काकुंआ मंदिर में एक पीपल