मिर्ची गैंग ने की दो भाजपा नेताओं की हत्या
हापुड़। धौलाना थाना क्षेत्र के गांव करनपुर जट्ट निवासी भाजपा नेता राकेश शर्मा की सोमवार को सपनावत में दिनदहाड़े हुई हत्या और उसके पड़ौसी एक अन्य भाजपा नेता चन्द्रपाल सिंह की मई में हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर मिर्ची गैंग के चार गुर्गों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए हैं। हालांकि गैंग का लीडर फरार है। राकेश की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गयी कि वह चंद्रपाल हत्याकांड में पैरवी कर रहा था।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को दिनदहाड़े सपनावत में भाजपा के धौलाना मंडल महामंत्री राकेश शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस घटना के बाद पुलिस महानिरीक्षक आलोक सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उधर घटना के खुलासे को लेकर भाजपाइयों ने थाने में जमकर हंगामा किया। पुलिस अधीक्षक ने देर शाम धौलाना के थाना प्रभारी निरीक्षक सुबोध सक्सेना समेत तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था। मंगलवार को पुलिस ने दोनों भाजपा नेताओं की हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस अधीक्षक डा यशवीर सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार ंमिश्र ने पुलिस कार्यालय में मंगलवार को पत्रकार वार्ता की।
पुलिस अधीक्षक ने डा. यशवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त गौरव व रामकुमार निवासी फगौता एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय भोलू मिर्ची गैंग के सदस्य हैं जो इस गैंग के साथ मिलकर कई वारदात कर चुके हैं। एक अन्य गिरफ्तार अभियुक्त राजेंद्र निवासी करनपुर जट्ट मिर्ची गैंग के लीडर प्रवीण उर्फ आशु उर्फ धर्मेन्द्र का ससुर है जबकि चौथा मंटू करनपुर जट्ट का निवासी है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार मिर्ची गैंग के लीडर प्रवीण उर्फ आशु निवासी काजीपुरा थाना मसूरी का विवाह करनपुर जट्ट निवासी राजेंद्र सिंह की बेटी से हुआ था। राजेन्द्र सिंह ने पूछताछ में बताया कि चन्द्रपाल सिंह से अपनी बेटी की शादी में उसने दो लाख रुपये लिए थे। उक्त रुपये नहीं लौटाने पर विवाद हो गया था।
आरोप है कि राजेंद्र ने अपने दामाद आशु और उसके गुर्गों की मदद से 25 मई को चन्द्रपाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। चन्द्रपाल भाजपा से अपने गांव में बूथ (पन्ना) प्रमुख था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चन्द्रपाल की अपने गांव के धौलाना भाजपा मंडल महामंत्री राकेश शर्मा उर्फ बिट्टू से अच्छी दोस्ती थी। वैसे भी पार्टी का मामला होने के कारण वह चन्द्रपाल के बेटों के साथ मिलकर इस हत्याकांड की पैरवी कर रहे थे तथा मामला खुलासा होने के नजदीक था।
बताया गया है कि इस मामले की जानकारी राजेंद्र ने अपने दामाम मिर्ची गैंग लीडर प्रवीण उर्फ आशू को दी। आरोप है कि आशु द्वारा अपने साथी रामकुमार, गौरव, राजू एवं मिंटू के साथ मिलकर सोमवार की सुबह एक लूटी कार में सवार होकर राकेश शर्मा की सरेआम हत्या कर दी। उक्त कार 9 सितंबर की रात्रि बिसरख थाना क्षेत्र से लूटी गई थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटना के बाद से पुलिस की पांच टीम अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्र और सीओ संतोष कुमार मिश्र के निर्देशन में लगातार छापा मार कार्यवाई कर रही थीं। तभी सर्विलांस की मदद से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फरार गैंग लीडर प्रवीण उर्फ आशू और उसके साथियों की तलाश की जा रही है। इन अभियुक्तों के कब्जे से एक पिस्टल 32 बोर, दो तमंचे 315 बोर, कारतूस तथा हत्या में प्रयुक्त स्विफ्ट कार भी बरामद हुई है। रामकुमार धौलाना में वर्ष 2014 में पड़ी बैंक डकैती में भी शामिल था। उस पर दो दर्जन मुकदमे हैं। जबकि फरार प्रवीण उर्फ आशू पर 30 से अधिक लूट, हत्या और डकैती के मुकदमे हैं।
पुलिस अधीक्षक डा यशवीर सिंह ने इस सफलता के लिए सीओ संतोष कुमार मिश्र, धौलाना के नए थाना प्रभारी निरीक्षक विशाल श्रीवास्तव, वरिष्ठ उप निरीक्षक जयपाल सिंह रावत, चौकी प्रभारी नवीन कुमार गौतम व सर्विलांस प्रभारी राहुल कुमार, स्वाट टीम समेत पूरी टीम को 20 हजार रुपये का इनाम दिए जाने की घोषणा की है।