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चिकन पॉक्स की चपेट में आया हापुड़ जिला

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चिकन पॉक्स की चपेट में आया जिला
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हापुड़। जिले में इन दिनों चिकन पॉक्स बीमारी ने पैर पसार लिए हैं। बड़ी संख्या में मरीज इस रोग से जूझ रहे हैं। संक्रामक रोग होने के चलते यह बहुत तेजी से एक से दूसरे मरीज में फैलता है। आश्चर्य की बात यह है कि तीमारदार या तो घरेलू नुस्खें अपना रहे हैं, या फिर झाड़ फूंक करने वालों को तवज्जो दे रहे हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों को कम ही लाया जा रहा है। स्वास्थ्य अफसरों का दावा है कि दवाओं से इस बीमारी का उपचार संभव है, झाड़ फूंक जान पर भारी भी पड़ सकती है।
बरसात से पहले शासन के आदेश पर संचारी रोगों पर रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाए गए। इसका लाभ यह हुआ कि डेंगू, चिकनगुनिया जैसे रोग फिलहाल जिले में नहीं दिख रहे हैं। लेकिन चिकन पॉक्स जैसी बीमारी ने पैर पसार लिए हैं।
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इस रोग की चपेट में आकर लोग तेज बुखार से तप रहे हैं। शरीर पर चकत्ते बन जाते हैं, जिनमें दर्द से लोग कराह रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जानकारी के अभाव में ऐसे मरीजों को तीमारदार अस्पतालों तक लाना मुनासिब नहीं समझ रहे। पुरानी परंपरा के अनुसार उसका घर पर ही घरेलू नुस्खों से उपचार किया जा रहा है।
इतना ही नहीं मरीजों को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़ फूंक करने वालों के यहां ले जाया जा रहा है। बता दें कि यह रोग संक्रामक है, जो संपर्क में आने से एक से दूसरे मरीज में तेजी से फैलता है। इसलिए चिकन पॉक्स से पीड़ित मरीजों को लेकर एहतियात बरती जाए।
एलर्जी से परेशान हैं मरीज
जिले के अस्पतालों में इन दिनों एलर्जी के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। चर्म रोग से परेशान मरीजों के उपचार में चिकित्सकों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बरसात के कारण मौसम में बदलाव के साथ ही यह बीमारी फैल रही है।
चिकन पॉक्स नहीं है बड़ी माता
जानकारी के अभाव में लोग चिकन पॉक्स को भी (माता निकलना) कहते हैं, जो गलत है। चिकित्सा विभाग के अनुसार बड़ी माता नाम से जो रोग हुआ करता था, अब वह खत्म हो चुका है। इसलिए चिकन पॉक्स और माता बीमारी में अंतर है।
कान को करती है प्रभावित
चिकन पॉक्स होने पर कई बार मरीज के कान में बड़ी समस्या बन जाती है। इसमें कान का बहना, कान के अंदर दर्द लगना आदि है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
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चिकन पॉक्स के लक्षण
* शरीर पर दाने निकल आते हैं।
* एक सप्ताह तक यह रोग रहता है।
* शरीर पर दानों के साथ ही तेज बुखार आता है।
* सिर और रीढ़ की हड्डी पर सबसे पहले दाने उभरते हैं।
-बचाव के तरीके-
* चिकन पॉक्स होने पर चिकित्सक से उपचार कराएं।
* झाड़ फूंक आदि के चक्कर में न पड़ें।
* मरीज से अन्य लोग दूरी बनाकर रहें।
* शरीर पर निकले दानों को फोड़े नहीं।
-अधिकारी कहिन-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि चिकन पॉक्स बीमारी होने पर चिकित्सक से उपचार कराएं। दवाएं उपलब्ध हैं, इस बीमारी में लापरवाही बरतना महंगा पड़ सकता है।
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