प्रदेश सरकार की कन्या सुमंगला योजना बेटियों के लिए वरदान साबित होगी। जन्म से लेकर बेटियों की पढ़ाई तक सरकार पूरा ध्यान रखेगी। योजना के तहत पात्रों को चिन्हित करने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा, उच्च शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के कंधों पर होगी। तीनों विभागों ने पात्रों का चिन्हांकन करना शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार की इस योजना में बालिकाओं को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ विकास के भी अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कन्या सुमंगल योजना का जल्द शुभारंभ करने वाले हैं।
इसको लेकर जिला प्रोबेशन विभाग ने योजना के पात्रों को खोजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्रों को छह श्रेणियों में योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। इसके लिए विभाग ने ऑफलाइन के रूप में जिले में करीब छह हजार फार्म भी वितरित कराने शुरू कर दिए हैं। वहीं इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भी किए जा सकते हैं।
बालिकाओं को यह मिलेगा लाभ
श्रेणी अवस्था धनराशि
प्रथम श्रेणी बालिका जन्म दो हजार
द्वितीय श्रेणी एक वर्ष टीकाकरण एक हजार
तृतीय श्रेणी कक्षा एक में प्रवेश दो हजार
चतुर्थ श्रेणी कक्षा छह में प्रवेश दो हजार
पंचम श्रेणी कक्षा नौ में प्रवेश तीन हजार
षष्टम श्रेणी 12वीं पश्चात पांच हजार
ये होगी पात्रता
लाभार्थी उत्तर प्रदेश का निवासी हो, नवजात बालिका का जन्म एक अप्रैल 2019 या उसके बाद हुआ हो, पारिवारिक वार्षिक आय तीन लाख होनी चाहिए, अधिकतम दो बच्चियां हों, तीसरी बच्ची पर लाभ नहीं मिलेगा
भ्रूण हत्या व बाल-विवाह पर लगेगी रोक
सरकार की कन्या सुमंगला योजना भ्रूण हत्या व बाल-विवाह की दिशा में असरदार साबित होगी। धरातल पर इसके सकारात्मक प्रभाव भी दिखाई देंगे। समाज से कन्या भ्रूण हत्या व बाल विवाह जैसी कुरीतियां भी समाप्त हो जाएंगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विजय वर्धन तोमर ने बताया कि पात्रों का चिन्हित करने के लिए बीएसए, डीआईओएस व स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। योजना के करीब छह फार्म भी वितरित कराये जा चुके हैं।