बिजली के बिलों में जुड़कर आ रही बकाएदारी से भड़की भाकियू
हापुड़। नलकूप के विद्युत बिलों में जुड़कर आ रही लाखों की फर्जी बकायेदारी के विरोध में शनिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देकर, इस समस्या से किसानों को जल्द राहत दिलाने की मांग उठाई है। जल्द समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा व मंडल सचिव ज्ञानेश्वर त्यागी ने कहा कि 20 साल पहले बिजली निगम में करोड़ों का घोटाला कर दिया गया था। निगम अफसरों ने अपनी खामी छिपाने के लिए किसानों के नलकूप बिलों में इस घोटाले को थोंप दिया।
आलम यह है कि किसान पूरा बिल जमा कर रहे हैं, फिर भी उनके बिलों में लाखों रुपये की बकायेदारी जुड़कर आ रही है। इस संबंध में निगम की ओर से कई बार कमेटियों का गठन किया जा चुका है। लेकिन राहत अभी तक नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि देहात अंचल के जंगल वाले क्षेत्र को बहुत कम बिजली आपूर्ति मिल रही है, जिसके चलते सिंचाई भी नहीं हो पा रही। इस ओर ध्यान दिया जाए। इतना ही नहीं गांवों में फैले जर्जर विद्युत लाइन व आबादी के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइनों को हटाया जाए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि गन्ना भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी में डूबे हैं। जब तक किसानों का पूरा भुगतान न हो, उनसे बिल आदि की वसूली न की जाए। इस संबंध में एसई को ज्ञापन सौंपकर जल्द राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस मौके पर सचिन त्यागी, बबली सिंह, दिनेश त्यागी, मुन्ना त्यागी, सरदार कुंवर सिंह, मोहित त्यागी, ललित त्यागी, सुशील त्यागी, टीटू जाटव, सतीश त्यागी, राकेश त्यागी, लोकेंद्र सिंह, शुभम चौधरी आदि मौजूद रहे।