श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति वाद विवाद प्रतियोगिता
हापुड़। अमर उजाला की ओर से श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति वाद विवाद प्रतियोगिता विचार प्रवाह का जिला स्तरीय आयोजन शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित एसएसवी पीजी कॉलेज के सेमिनार हॉल में हुआ। प्रतियोगिता में दस कालेजों से आए छात्र-छात्राओं ने देश हित में एक देश एक चुनाव विषय पर पक्ष और विपक्ष में विचार रखे।रामतीर्थ कालेज ऑफ एजूकेशन की मीनाक्षी शर्मा ने अपने धाराप्रवाह और तर्क आधारित संबोधन से अमिट छाप छोड़ी जिसके चलते निर्णायक मंडल ने उन्हें विजेता घोषित किया।
मीनाक्षी शर्मा ने विषय के पक्ष में धारदार ढंग से बात रखी। उन्होंने अपने संबोधन में सुंदर ढंग से शायरी का भी प्रयोग किया। उन्होेंने कहा कि देश भर में एक साथ चुनाव होने से चुनाव खर्च भी कम होगा और प्रशासनिक कुशलता भी बढ़ेगी।
रामतीर्थ कॉलेज ऑफ एजूकेशन की ही छात्रा कल्पना भारद्वाज ने विषय के विपक्ष में तथ्य रखते हुए कहा कि एक साथ चुनाव कराने के लिए बड़े पैमाने पर बदलाव करने होंगे। कल्पना को निणार्यक मंडल ने द्वितीय स्थान के लिए चुना।
विषय के पक्ष में बोलने वाली एकेपी पीजी कॉलेज की छात्रा अहमद निशा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन एंड मैनेजमेंट की छात्रा अंशिका भारद्वाज व पिलखुवा के केशव मारवाड़ डिग्री कालेज की छात्रा कीर्ति तोमर ने विषय पक्ष में बोलते हुए सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
निर्णायक मंडल की भूमिका में एसएसवी पीजी कॉलेज के राजनीतिक शास्त्र विभाग के एचओडी डा. सुधीर कुमार, एसएसवी पीजी कालेज की प्राचार्या डा. शशि वशिष्ठ, डा. लक्ष्मण गौतम, श्री शांति स्वरूप कृषि इंटर कॉलेज के भौतिक प्रवक्ता अजय मित्तल रहे। अमर उजाला की ओर से प्रथम पुरस्कार विजेता को पांच हजार रुपये और प्रमाण पत्र, द्वितीय पुरस्कार विजेता को तीन हजार रुपये और प्रमाण पत्र, तृतीय विजेता को दो हजार रुपये इसके अलावा दो सांत्वना पुरस्कार जीतने वाले प्रतिभागियों को एक एक हजार रुपये की नगद राशि व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। जिला स्तर के विजेताओं को अब मंडल और राज्य स्तर तक की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।
- विजेताओं ने रखे विचार-
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाली रामतीर्थ कॉलेज ऑफ एजूकेशन की छात्रा मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि जीवित लोकतंत्र में चुनाव की महत्वपूर्ण भूमिका है। पूरे देश में यदि एक साथ चुनाव होंगे तो देश की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, रोजगारों का सृजन होगा और हमारा देश सर्वोच्च शिखर पर पहुंच जाएगा।
प्रतियोगिता में दूसरा स्थान पाने वाली रामतीर्थ कॉलेज ऑफ एजूकेशन की छात्रा कल्पना भारद्वाज ने कहा कि देश में एक चुनाव कराया गया तो संविधान के अनुच्छेद में संशोधन करना पड़ेगा। इससे लोकतंत्र को भी खतरा बनेगा।
प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली एकेपी पीजी कॉलेज की छात्रा अहमद निशा ने विषय के पक्ष में कहा कि भारत देश में चुनाव को सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। एक देश एक चुनाव से भारत में राजनीतिक स्थिरता आएगी। चुनाव खर्च भी 4500 करोड़ रुपये तक घट जाएगा।
सांत्वना पुरस्कार विजेता इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की छात्रा अंशिका भारद्वाज ने पक्ष में कहा कि एक देश एक चुनाव प्रणाली लागू होने से देश विकास के मार्ग पर दौड़ेगा। क्योंकि अब आए दिन चुनाव होने से आचार संहिता के चलते काम ठप रहते हैं। इस समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा।
सांत्वना पुरस्कार विजेता पिलखुवा के केशव मारवाड़ डिग्री कॉलेज की छात्रा कीर्ति तोमर ने पक्ष में कहा कि राजनीतिक स्वार्थवाद को ध्यान में रखते हुए देश में एक चुनाव की प्रणाली को लागू करना आवश्यक है। चुनावों की अधिकता से जाति, धर्म का भेदभाव बढ़ता है, इस समस्या से भी देश को राहत मिल जाएगी।
प्रतियोगिता में इन कॉलेजों के छात्रों ने लिया भाग
प्रतियोगिता में चौधरी ताराचंद जनता डिग्री कॉलेज तगासराय से शालिनी सिद्धू, आफरीन, श्री माधव कॉलेज ऑफ एजूकेशन एंड टेक्नॉलोजी से कोमल त्यागी, श्रृष्टि, रामतीर्थ कॉलेज ऑफ एजूकेशन से मीनाक्षी शर्मा, कल्पना भारद्वाज, श्रीमती विमला देवी डिग्री कॉलेज से अंजलि त्यागी, इतिका सिंह, इंद्रप्रस्थ कालेज ऑफ मैनेजमेंट से सचिन सक्सेना, अंशिका भारद्वाज, एकेपी पीजी कॉलेज से अहमद निशा, दीपांशी बंसल, एसएसवी पीजी कॉलेज से कंचन त्यागी, हिमांशु, इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ कॉलेज एंड एकेडमिक गढ़मुक्तेश्वर के छात्र प्रियम गोयल, एटीएमएस कॉलेज के छात्र मोहम्मद इलियास, वर्षा सैनी, केशव मारवाड़ गर्ल्स डिग्री कॉलेज से कीर्ति तोमर, आंचल सैनी ने भाग लिया।