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100 से अधिक डग्गामार वाहन रोडवेज को लगा रहे करोड़ों की चपत

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डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई को शासन ने दिखाई सख्ती
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हापुड़। रोडवेज के हुलिए में दौड़ रही डग्गमार बसों पर कार्रवाई को शासन ने सख्त रुख अपनाया है। शासन के आदेश पर हापुड़ रोडवेज डिपो के अधिकारियों ने परिवहन निगम को 100 से अधिक डग्गामार बसों के संचालन की रिपोर्ट भेजी है। सड़कें पर बेखौफ दौड़ रही ये बसें सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रही है।
हापुड़ डिपो से विभिन्न मार्गों पर 115 बसों का संचालन होता है। कमाई के मामले में हापुड़ डिपो गाजियाबाद रीजन में टॉप पर चल रहा है। लेकिन वर्तमान में निगम को जितनी कमाई हो रही है, उससे कहीं अधिक पैसा डग्गामार वाहन यात्रियों से वसूलकर मलाई मार रहे हैं।
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रोडवेज के अधिकारियों के सर्वे के अनुसार लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद से दिल्ली के बीच बड़ी संख्या में डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं। इनमें बहुत से बसों पर रोडवेज के स्टीकर लगाए हुए हैं, जो यात्रियों को गुमराह कर उनसे टिकट के नाम पर मनमाना किराया वसूलते हैं।
आलम यह है कि हर महीने दिल्ली, गढ़, बुलंदशहर और मेरठ, मोदीनगर मार्ग पर दौड़ रहे 100 से अधिक डग्गामार वाहन रोडवेज को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि परिवहन निगम इन वाहनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता, कभी कभार ही अभियान चलाकर दो चार वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।
परिवहन निगम को भेजी रिपोर्ट
हापुड़ डिपो के अधिकारियों ने मुख्य मार्गों पर सर्वे के दौरान डग्गामार वाहनों के नंबर और संचालन के समय की सूची परिवहन निगम को भेजी है। साथ ही ऐसे वाहनों पर कार्रवाई का आग्रह किया है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
शहर के बाहर से होता है डग्गामार बसों का संचालन
लखनऊ, बरेली, दिल्ली रूट पर दौडने वाले अधिकांश वाहन बाईपास से होकर निकल जाते हैं, शहर से होकर ऐसे वाहन नहीं जाते। जिसके चलते वह यातायात पुलिस की कार्रवाई से भी बच जाते हैं।
यात्रियों को उतार देते हैं शहर से पांच किलोमीटर दूर
रोडवेज के परिवेश में सजी बसें यात्रियों को गुमराह कर बैठा तो लेती है। लेकिन शहर के अंदर से न आकर, यात्रियों को बाईपास पर ही उतार देती हैं। जिसके चलते पांच किलोमीटर का सफर उन्हें या तो लिफ्ट लेकर तय करना पड़ता है या फिर ऑटो से आना पड़ता है।
कार्रवाई करने से बच रहे हैं अधिकारी
परिवहन निगम और रोडवेज के अधिकारी कार्रवाई को लेकर एक दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं। रोडवेज के अधिकारी बसों पर कार्रवाई को अपने कार्यक्षेत्र से बाहर बताते हैं, वहीं परिवहन निगम के अधिकारी रोडवेज के अधिकारियों पर ही कार्रवाई की जिम्मेदारी होने की बात कहते हैं। इसका फायदा डग्गामार वाहन उठा रहे हैं।
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सहायक क्षेत्रीय अधिकारी एनपी सिंह का कहना है कि लखनऊ, बरेली, दिल्ली मार्ग पर काफी संख्या में डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं। इसका सर्वे कराया गया है, रिपोर्ट भी परिवहन निगम को दी गई है। रोडवेज को इन वाहनों के संचालन से नुकसान हो रहा है।
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