फोटो संख्या- 16 से 20
परमीशन की आड़ में धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन
- बाबूगढ़ क्षेत्र में हाइवे निर्माण के लिए मिट्टी के खनन में हो रहा खेल, अनुमति केवल 5.5 फिट, खनन हो रहा 10 से 11 फिट
- प्लाटों के भराव में लगे हैं डंफर, शिकायत करने पर ग्रामीणों को मिल रही धमकी
माई सिटी रिपोर्टर
हापुड़। जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में फ्रेट कॉरिडोर के लिए हो रहे खनन के मामले में कार्रवाई के बावजूद जिले में सरकारी कार्यों की आड़ में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है। परमीशन से न सिर्फ दोगुनी गहराई तक मिट्टी खोदी जा रही है, वहीं इस मिट्टी से प्लाटों में भी भराव किया जा रहा है। लेकिन जांच में जुटे अधिकारियों को खुलेआम हो रहा यह अवैध खनन दिखाई नहीं दे रहा है।
हापुड़ से मुरादाबाद के लिए जाने वाले हाइवे संख्या 9 का निर्माण कार्य चल रहा है। फिलहाल बाबूगढ़ के आसपास मिट्टी का भराव कार्य चल रहा है। लेकिन प्रशासन के आदेशों को दरकिनार करते हुए यहां जमकर अवैध खनन हो रहा है। प्रशासन द्वारा खनन के लिए मात्र 5.5 फिट की अनुमति है, जबकि मौके पर 10 से 11 फिट तक खनन किया जा रहा है। आसपास के गांव रसूलपुर, बागड़पुर, अट्टा, हृदयपुर आदि क्षेत्रों में खनन किया जा रहा है। यहां खेतों को तालाब बना दिया गया है। बड़ी बात है कि खनन की आड़ में हाइवे को छोड़कर बड़े बड़े प्लाटों का भराव तक किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि हाइवे निर्माण में लगे डंपर छह हजार रुपये प्रति डंपर के हिसाब से प्राइवेट भराव कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खनन माफिया ने रमपुरा गांव में कई ग्रामीणों के पट्टों से अवैध तरीके से मिट्टी खोद ली। इस बात की शिकायत की जाती है तो ग्रामीणों को धमकी दी जाती है।
घुंघराला में भी हो रहा अवैध खनन
बाबूगढ़ के अलावा घुंघराला गांव के आसपास भी अवैध खनन किया जा रहा है। यहां भी कई कई फिट मिट्टी उठा ली गयी है। बड़ी बात है कि जगह जगह खनन हो रहा है, लेकिन जांच में लगे अधिकारियों को यह दिखायी नहीं दे रहा है।
मानकों का नहीं रखा जा रहा ध्यान
हाइवे निर्माण में हो रहे खनन के दौरान मानकों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ायी जा रही हैं। किसी प्रकार का न कोई छिड़काव किया जा रहा है और न ही मिट्टी को ढककर ढोया जा रहा है। सड़कों पर जगह जगह मिट्टी बिखरी पड़ी रहती है। जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोट-
खनन निरीक्षक सरेंद्र रामशरण का कहना है कि इस क्षेत्र के चार गांवों में 5.5 फिट खनन की अनुमति है। इसके अलावा मौके पर जाकर जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।