पीएम किसान सम्मान निधि पाने के लिए ई-केवाईसी जरूरी
गढ़मुक्तेश्वर। पीएम किसान सम्मान निधि की 10वीं किस्त पाने के इंतजार में बैठे जनपद के एक लाख से अधिक किसानों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया करानी होगी। बिना ई-केवाईसी किसानों के बैंक खातों में 10वीं किस्त नहीं पहुंचेगी। सरकार ने योजना के नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत केवाईसी कराना जरूरी है, नहीं तो किस्त अटक सकती है। किसान सम्मान निधि में हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सरकार ने यह बदलाव किया है।
कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि जनपद हापुड़ में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अभी तक 126135 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें से 120001 किसान लाभांवित हो चुके हैं। इनके बैंक खातों में 185 करोड़ तेरह लाख 20 हजार रुपये पहुंच चुके हैं, लेकिन आयकरदाता, भूमिहीन, सरकारी नौकरी, पेंशनर्स, दंपती समेत अन्य अपात्र भी फर्जीवाड़े से योजना का लाभ ले रहे हैं। सत्यापन के दौरान काफी अपात्रों को चिन्हित भी किया जा चुका है। योजना में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक नया बदलाव किया है। इसके तहत योजना के लाभ के लिए अब किसानों को सम्मान निधि पोर्टल पर ही ई-केवाईसी कराना होगा। इसके लिए किसानों को जनसेवा केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी, बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण करना होगा।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ही मिलेगा ओटीपी
सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि जो मोबाइल नंबर किसान ने अपने आधार कार्ड से लिंक कराया हुआ है, उसी नंबर पर ओटीपी आने के बाद ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
- अनिवार्य है ई-केवाईसी
पीएम किसान सम्मान निधि प्राप्त कर रहे और नया पंजीकरण कराने वाले किसानों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना किसानों की सम्मान निधि रोकी जा सकती है। इसके तहत किसानों को सम्मान निधि पोर्टल पर अपना बायोमीट्रिक प्रमाण देना होगा। ऐसा न होने पर अग्रिम किस्त नहीं मिल पाएगी। संवाद