फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गढ़ खादर के 15 गावों में घुसा पानी

विज्ञापन
गढ़ खादर क्षेत्र में संपर्क मार्गों पर भरा पानी। - फोटो : GARH
विज्ञापन
गढ़ खादर के 15 गावों में घुसा पानी
विज्ञापन

गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों की बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने से गंगा में उफान बढ़ने से गंगा खादर क्षेत्रों के निचले हिस्सों में हजारों बीघा फसल में जलभराव हो गया। जिससे किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं, संपर्क मार्गों पर भी पानी भरने की संभावना बन गई है। एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के चलते रविवार की शाम तक जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने की आशंका है।
गढ़ खादर क्षेत्र के 15 से भी अधिक गांवों के हजारों बीघा निचले जंगल समेत आवागमन से जुड़े संपर्क रास्तों को चौतरफा अपनी चपेट में ले लिया है। चार दिनों से जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने से परेशानी बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों का कहना है कि शनिवार को बिजनौर बैराज से 1 लाख 47 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। शनिवार की देर शाम तक ब्रजघाट गंगा का जलस्तर समुद्रतल से 198.49 मीटर के निशान पर दर्ज किया गया। गंगा के उफान के चलते खादर क्षेत्र के गांव गड़ावली, लठीरा, नयाबांस, आरकपुर, बख्तावरपुर, रामपुर न्यामतपुर, काकाठेर मढ़ैया, कुदैनी वाली मढ़ैया, रामसिंह मढ़ैया समेत 15 से भी अधिक गांवों के हजारों एकड़ फसल में जलभराव हो गया। जंगल से लेकर संपर्क रास्तों के आसपास पानी भरने लगा है।
विज्ञापन

गंगा का उफान बढ़ने से खादर क्षेत्र के कई गांवों में बाहरी छोर पर लगे सरकारी हैंडपंप चौतरफा पानी की जद में आ गए हैं, जिनसे गंदा पानी निकलने पर आसपास में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को पीने के पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
विज्ञापन

एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी का कहना है कि बिजनौर बैराज से 1लाख 47हजार क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज की सूचना मिली है। जिससे रविवार को जलस्तर में काफी बढ़त होने की संभावना है। जिसे लेकर बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं बाढ़ से निपटने व ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने की तैयारी की जा चुकी हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें