रोडवज में टायरों का टोटा, डेढ़ महीने से डिपो में खड़ी हैं 15 बसें
गढ़मुक्तेश्वर। रोडवेज बस स्टैंड पर 15 बसों के डेढ़ माह से टायर खराब होने के कारण बसें डिपो में खड़ी हुई है। जिसके चलते संविदा पर काम करने वाले चालक और परिचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, एआरएम के लगातार पत्राचार करने के बाद भी उच्चाधिकारियों द्वारा कोई सुध नहीं ली जा रही है, जिससे परिवहन निगम को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
गढ़ चौपला पर स्थित रोडवेज डिपो से गढ़ क्षेत्र समेत आसपास क्षेत्र की सैकड़ों यात्री अपने गंतव्य को जाने के लिए रोडवेज बसों का सहारा लेते हैं। रोडवेज डिपो में कुल 85 बसें हैं। जिनमें से 14 बसें नई है और 71 बसें पुरानी हो चुकी है, वहीं 85 बसों में से 15 बसें करीब डेढ़ माह से डिपो में बेकार खड़ी हुई हैं। जिसको लेकर अमर उजाला टीम ने रोडवेज बस स्टेंड की पड़ताल की तो पता चला कि 15 बसों में डेढ़ माह से टायर खराब पड़े हैं, जिसके चलते बसे रोडवेज वर्कशॉप में लगी हुई है। 15 बसों के नहीं चलने के कारण संविदा पर डिपो में काम करने वाले चालक परिचालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। संविदा कर्मचारियों ने बताया कि डेढ़ माह से 15 बसों के टायर नहीं बदलने के कारण बसे अपने रूटों पर नहीं जा पा रही है, जिसके चलते उनको भी काम नहीं मिल रहा है। इसके कारण संविदा चालक परिचालकों को घर के खर्चे चलाने में भी दिक्कत बनी हुई है।
इन रूटों की बसें बाधित
अमरोहा, गजरौला, मुरादाबाद, बरेली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, अलीगढ़, आगरा
कितना हो रहा नुकसान
परिवहन निगम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते बसों के टायर नहीं बदले जा रहे हैं। जिसके चलते परिवहन निगम को रोजाना करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। यदि डेढ़ माह की बात की जाए तो 67 लाख 50 हजार रुपये का नुकसान निगम को पहुंच चुका है, उसके बाद भी कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
क्या कहते हैं अधिकारी
टायरों को बदलवाने के संबंध में लगातार मेरठ परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है, लेकिन अभी तक टायर नहीं बदले गए हैं, जिससे निगम समेत संविदा कर्मचारियों को नुकसान पहुंच रहा है। - रंजीत सिंह, एआरएम
क्या कहते हैं यात्री
बस का करना पड़ता है इंतजार
गढ़ रोडवेज बस स्टेंड से पहले बस बनकर मुरादाबाद के रूट पर चलती थी, लेकिन अब कई दिनों से बस बनकर नहीं चल रही है, जिसके लिए पीछे से आने वाली बसों का इंतजार करना पड़ता है। - अरुण कुमार, यात्री
स्याना चौपला पर जाना पड़ता है
पहले की बात की जाए तो बस रोडवेज बस स्टैंड से मिल जाती थी, लेकिन अब बस में सवार होने के लिए गढ़ में स्याना चौपला पर हाईवे पर जाना पड़ता है, जिसके लिए यात्री को परेशानी बनती है। खराब बसों को जल्द ठीक कराया जाना चाहिए। - पुनीत शर्मा, यात्री