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गंगा के जलस्तर में फिर 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी

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गंगा के जलस्तर में फिर 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी
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गढ़मुक्तेश्वर। बिजनौर बैराज से लगातार पानी के छोड़े जाने के चलते मैदानी क्षेत्रों में नदियों का उफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। गढ़-ब्रजघाट में गंगा के जलस्तर में एक बार फिर 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से गंगा तटीय गांवों के ग्रामीणों में दहशत है। निचले जंगलों में पानी भरने से फसलों के खराब होने का अंदेशा बन रहा है। वहीं गंगा के कटान करने से फसलों के नष्ट होने की भी संभावना है। वहीं प्रशासन बाढ़ के खतरे के मद्देनजर अलर्ट है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। जिस कारण हरिद्वार व बिजनौर बैराज से लगातार मैदानी क्षेत्रों में पानी छोड़ा जा रहा है। जिसका प्रभाव गढ़ और ब्रजघाट क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। रविवार की शाम जहां ब्रजघाट का जलस्तर 198.67 मीटर (समुंद्र तल से) था, वहीं सोमवार की शाम छह बजे तक जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 198.77 मीटर के निशान तक पहुंच गया। प्रशासन पहले ही गंगा तटीय गांवों में बसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुुंचाने के लिए चेतावनी जारी कर चुका है। वहीं जलस्तर में निरंतर बढ़ोतरी होने से ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है। पशुओं के लिए चारे और फसलों में नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं। वहीं घरों को छोड़कर राहत शिविरों में जाने को लेकर भी ग्रामीण व किसान परेशान हैं।
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काकाठेर और कुदैनी की मढ़ैया तक पहुंचा पानी
खादर क्षेत्र के गांव काकाठेर, कुदैनी की मढ़ैया, गड़ावली, नयाबांस, लठीरा और पूठ, सालाबाद की मढ़ैया समेत अन्य गांवों के निचले जंगल में गंगा का पानी भर रहा है। जिससे फसलें जलमग्न हो गई हैं। फसलों में पानी भरने से ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। इसके साथ ही गंगा ने काकाठेर और कुदैनी में भू-कटान भी शुरू कर दिया है। जिससे मेहनत से उगाई गई फसलों के गंगा में समाने का खतरा भी बढ़ गया है।
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1 लाख 35 हजार क्यूसेक से अधिक छोड़ा पानी
मेरठ बाढ़ कंट्रोल रूम के सूत्रों के अनुसार सोमवार को भी बिजनौर बैराज से एक लाख 35 हजार 870 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके मंगलवार को गढ़ क्षेत्र में पहुंचने से जलस्तर में और बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में गढ़ क्षेत्र में गंगा रेड अलर्ट से 57 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
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