फुलड़ी के जंगल में गोकशों से मुठभेड़, दो को लगी गोली
गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्र में गोकशी की घटनाओं को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक प्रतिबंधित पशु, ऑटो, बाइक, तमंचे, कारतूस समेत पशु कटान के उपकरण बरामद हुए। अंधेरे का फायदा उठाकर दो आरोपी फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शीलेश कुमार ने बताया कि फरवरी में क्षेत्र के गांव पौपाई और पावटी के जंगलों से दो दिन लगातार प्रतिबंधित पशुओं का मांस बरामद किया था। इसके बाद कोतवाली में अज्ञात व्यक्तियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसके बाद एसपी नीरज कुमार जादौन के निर्देशानुसार लगातार इस घटना को लेकर गढ़, सिंभावली और हापुड़ की विशेष टीम जांच में जुटी थी।
सोमवार देर रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गांव फुलड़ी के जंगल में दबिश दी। जहां पर दो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश सीनू और सोनू निवासी अठसैनी गढ़ के पैरों में गोली लगने से घायल हो गए। वहीं बचकर भाग रहे दो बदमाश जाहिद और खालिद निवासी हशुपुर गढ़ को पुलिस ने दबोच लिया। इस दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर नूरु निवासी अठसैनी और नब्बू निवासी सरुरपुर फरार हो गए। पुलिस घायल बदमाशों को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उपचार कराने के बाद दोनों आरोपियों को कोतवाली ले आई। सभी आरोपियों हिस्ट्री खंगाली गई, तो आरोपी कई संगीन मामलों में लिप्त पाए गए। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जंगल में छापा मारकर चारों आरोपियों के पास से एक प्रतिबंधित पशु, एक ऑटो, एक बाइक, पशु कटान के उपकरण, चार तमंचे समेत आठ कारतूस और दो खोखे बरामद हुए। आरोपियों से पूछताछ करने पर गांव पावटी, पौपाई और बाबूगढ़ क्षेत्र में प्रतिबंधित पशुओं के कटान की घटना को अंजाम देना स्वीकार लिया। पुलिस ने चारों आरोपियों पर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया है। वहीं कोतवाली प्रभारी ने बताया कि फरार आरोपी नुरू और नब्बू की तलाश की जा रही है। आरोपियों को दबोचने वाली टीम में सिंभावली थानाध्यक्ष राहुल चौधरी, एसएसआई केपी सिंह, अमित सिंह, अजब सिंह, राजवीर सिंह, राकेश कुमार, सचिन कुमार, इमरान अली, मनोज कुमार, सुरेश चंद, विक्रांत, सुनील, अनिल, हासिम, अजीत, प्रदीप, अंकुश और सोनू मौजूद रहे।