गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन हुआ अलर्ट
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में अचानक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से गंगा के टापू पर उगाई गई पॉलेज की फसल बह गई। वहीं जलस्तर बढ़ने से प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
गत रविवार को उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बाद क्षेत्र में भी बाढ़ की आशंका से लोग भयभीत थे, लेकिन सोमवार को गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई थी। वहीं पिछले दिनों में जल स्तर लगातार सामान्य चला आ रहा था। लेकिन शनिवार की सुबह एक बार फिर गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार को गढ़ क्षेत्र में जलस्तर में 32 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने से गंगा के बीच में बने टापू पर उगाई गई पॉलेज की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीण चंदर, नितेश, महकार, मोहन ने बताया कि पॉलेज की फसल का शुरूआती दौर है। जलस्तर बढ़ने से लाखों रुपये की फसल बर्बाद होने की आशंका है। वहीं खादर क्षेत्र के गांवों के लोगों में एक बार फिर बाढ़ की दहशत बनने लगी है।
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जलस्तर बढ़ने से गंगा में शुरू हुआ कटान
जलस्तर में बढ़ोतरी होने से कच्चे घाट पर गंगा ने कटान करना शुरू कर दिया है। जिसके चलते आसपास के जंगल में उगाई गई गन्ने, गेहूं, सरसों समेत अन्य फसलों पर भी संकट उत्पन्न हो गया। शनिवार की शाम तक जल स्तर में 32 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे जलस्तर 196.68 मीटर से 197 मीटर (समुद्र तल से) पहुंच गया है।
एसडीएम विजयवर्धन तोमर का कहना है कि जल स्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई है, फिलहाल बाढ़ की कोई आशंका नहीं है। लेकिन जल स्तर पर नजर रखी जा रही है। संवाद