षटतिला एकादशी पर श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
गढ़मुक्तेश्वर। माघ माह की षटतिला एकादशी पर ब्रजघाट समेत कच्चे घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। जिसके बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य करने के साथ ही ईष्ट देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना भी की।
सनातन धर्म में माघ मास का विशेष महत्व माना जाता है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी भी कहा जाता है। षटतिला एकादशी पर पवित्र नदियों में स्नान कर तर्पण और विधि विधान से पूजा अर्चना करने से पापों से मुक्ति मिलती है। रविवार को षटतिला एकादशी पर वेस्टर्न यूपी के विभिन्न जनपदों, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा समेत विभिन्न प्रदशों से आए 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। वहीं लठीरा और पूठ के कच्चे घाटों पर भी स्थानीय लोगों ने स्नान किया। जिसके बाद गंगानगरी में स्थित वेदांत मंदिर, हनुमान मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, दुर्गा मंदिर समेत अन्य मंदिरों में पहुंचकर अपने-अपने ईष्ट देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर गरीब और जरूरत मंदों को तिलों समेत गर्म कपड़ों और भोजन सामग्री का दान दिया।
पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि षटतिला एकादशी पर जो भी भक्त सच्चे मन से व्रत रखकर दान-पुण्य करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होने के साथ ही सभी समस्याओं का निवारण होता है। इस उपवास को करने और पवित्र नदियों में स्नान करने से परिवार में सुख-शांति समेत मानसिक शांति प्राप्त होती है। संवाद