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दीपों से झिलमिलाई गंगानगरी, सुख समृिद्ध की कामना के लिए किया दीपदान

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दीपों से झिलमिलाई गंगानगरी, सुख समृिद्ध की कामना के लिए किया दीपदान
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गढ़मुक्तेश्वर। कोरोना संक्रमण के बीच शनिवार को श्रद्धालुओं ने दिवंगतों की आत्मा की शांति व सुख समृद्धि के लिए गंगानगरी में दीपदान किया। इस दौरान गंगानगरी दीपों से झिलमिला उठी। वहीं देर शाम तक लाखों श्रद्धालुओं के ब्रजघाट पहुंचने के कारण हाईवे पर जाम लग गया।
कोरोना संक्रमण के चलते इस बार कार्तिक मेला स्थगित कर दिया गया था लेकिन दीपदान के लिए सशर्त अनुमति दी गई। प्रशासनिक व्यवस्था के चलते मुख्य रूप से दीपदान की परंपरा का निर्वहन ब्रजघाट में किया गया। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उप्र के विभिन्न जनपदों समेत आसपास के क्षेत्र के लोगों ने ब्रजघाट में पहुंचकर दीपदान किया। लाखों की संख्या में भीड़ उमडने से ब्रजघाट में रौनक बढ़ गई। गंगा के दोनों तटों पर श्रद्धालुओं ने पटेरा और घास से तैयार किए गए आसनों पर देशी घी के जलते हुए दीपक, मिष्ठान और फूल रखकर गंगा की जलधारा में प्रवाहित कर दिए। दीपदान की परंपरा के बाद गंगा में चारों तरफ टिमटिमाते दीपक फैल गए। जिनका प्रतिबिंब गंगा में पड़ने से ऐसा लगा, जैसे गंगा मैय्या को आकाश गंगा का स्वरूप मिल गया हो। कच्चचे घाट, ब्रजघाट और पूठ में करीब तीन लाख श्रद्धालु दीपदान के लिए पहुंचे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की भी जमकर धज्जियां उड़ीं। भारी भीड़ के चलते गंगा तट समेत गंगा में श्रद्धालु एक दूसरे से चिपके नजर आए।
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-वाहनों का दबाव बढ़ने से हाईवे पर लगा जाम
हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ने और श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते नेशनल हाईवे समेत गंगा पुल पर जाम लग गया। गंगा पुल और टोल के दोनों तरफ करीब तीन-तीन किलोमीटर लंबे जाम में वाहन चालक घंटों फंसे रहे। पुलिस और यातायात कर्मी जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करते नजर आए, लेकिन घंटों लगे जाम ने यात्रियों और श्रद्धालुओं को परेशानी को और अधिक बढ़ा दिया।
-डीएम ने भी किया दीपदान
डीएम अदिति सिंह के पिता धनंज्य सिंह का नौ अगस्त को निधन हो गया था। जिसके चलते डीएम भी शनिवार को गंगानगरी ब्रजघाट पहुंची। जहां उन्होंने अपने दिवंगत पिता की आत्मा की शांति के लिए दीपदान कर गंगा मैया का आशीर्वाद लिया।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
दीपदान पर्व को लेकर सीडीओ उदय सिंह, एडीएम जयनाथ यादव, सीएमओ रेखा शर्मा समेत जनपद स्तरीय अधिकारियों ने ब्रजघाट गंगानगरी का निरीक्षण किया। जिन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हाईवे को जाम मुक्त रखने का निर्देश दिया। वहीं कोताही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। इस मौके पर एसडीएम विजयवर्धन तोमर, सीओ पवन कुमार, कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार, मेला इचार्ज अविनाश गौतम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आज दो बजे तक होगा दीपदान
पंडित उमेश सैनरा ने बताया कि कार्तिक माह की चतुर्थदशी शनिवार की दोपहर दो बजे से आरंभ हुई, जो रविवार (आज) को दो बजे तक रहेगी। जिसके चलते रविवार को भी काफी श्रद्धालु दीपदान करने के लिए गंगानगरी पहुंचने की संभावना है।
-स्थानीय लोग भी हुए परेशान, सामान खरीदने में हुई दिक्कत
पुलिस-प्रशासन ने मेला स्थल को जाने वाले रास्ते बेरियर लगाकर बंद कर दिए। वहीं आंबेडकर चौपला, महमाई रोड समेत अन्य रास्तों से मेले की तरफ जाने वाले लोगों को रोका गया। जिनमें बाहरी क्षेत्रों से अपने घर लौटने वाले स्थानीय लोग भी शामिल रहे। वहीं बाजार में खरीदारी करने के लिए निकले लोगों को भी कई बार वापस लौटना पड़ा।
-क्यों होता है दीपदान
कार्तिक माह में महाभारत काल से चतुर्थदशी तिथि पर गंगा में दीपदान की परंपरा चली आ रही है। जिसे पांच हजार वर्ष से भी अधिक पुराना माना जाता है। गढ़ गंगा खादर क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के आह्वान पर पांडवों ने महाभारत युद्ध के बाद कौरव और पांडव पक्ष से युद्ध में दिवंगत हुए अपने परिजनों की आत्म-शांति के लिए दीपदान किया था, तभी से गंगा खादर क्षेत्र के घाटों पर दीपदान होता आ रहा है। वहीं कई दशकों से ब्रजघाट समेत अन्य स्थानों पर भी दीपदान होना शुरू हो गया है।
-मेला क्षेत्र में जाने पर रही पाबंदी, फिर भी पहुंचे लोग
दीपदान और गंगा स्नान के लिए पुलिस-प्रशासन ने ब्रजघाट पर व्यवस्थाएं की थी, खादर मेला क्षेत्र में व्यवस्थाएं न हो पाने के चलते श्रद्धालुओं का जाना निषिद्ध रहा। जिन्हें रोकने के लिए मेला क्षेत्र को जाने वाले सभी रास्तों पर बैरियर और पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। आंबेडकर चौपला पर मौजूद सभी पुलिसकर्मी कच्चे घाटों की तरफ जाने वालों को ब्रजघाट की तरफ भेजते रहे। इसके बावजूद भी काफी संख्या में लोग खेतों के रास्ते छिपते हुए कच्चे स्नान घाटों पर पहुंच गए और दीपदान किया।
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-सुनसान रहे रास्ते और सूने रहे कच्चे घाट
प्रति वर्ष कार्तिक पूर्णिमा मेले के दौरान चतुर्थदशी और कार्तिक पूर्णिमा से पहले ही मेला स्थल पर चारों तरफ तंबुओं की नगरी बन जाती थी। जिसमें लाखों श्रद्धालु पड़ाव डालकर गंगा स्नान समेत अन्य धार्मिक कर्मकांड़ करते थे। दीपदान पर्व पर मेला स्थल की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर जाम का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस वर्ष पुलिस-प्रशासन की सख्ती के चलते मेला स्थल के घाट और रास्ते लगभग सूने रहे। जिससे मेला स्थल पर फूल और प्रसाद की इक्का-दुक्का दुकान लगाए दुकानदारों के हाथ भी मायूसी लगी।
-ब्रजघाट में हुआ मुख्य रूप से दीपदान, आकाश गंगा बनी गंगा मैय्या
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