काला गेहूं बदल सकता है किसानों का जीवन स्तर
गढ़मुक्तेश्वर। काला गेहूं देखकर किसान समझते हैं कि फसल पूरी तरह खराब हो चुकी है, लेकिन पंजाब समेत अन्य प्रदेशों के किसान काले गेहूं की खेती कर अपना जीवन स्तर सुधारने में लगे हैं। जिससे किसानों की आय दोगुनी हो रही है।
केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। इसी के साथ की वैज्ञानिक भी नई-नई तकनीकी लाकर किसानों की राह आसान बनाने का काम कर रहे हैं। इसी क्रम में काले गेहूं की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही उनका जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक सतीश चंद शर्मा ने बताया कि काला गेहूं पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत यूपी के भी कुछ जनपदों में किसानों ने उगाना शुरू कर दिया है।
-काफी फायदेमंद है काले गेहूं की खेती
प्राविधिक सहायक ने बताया कि काला गेहूं सामान्य गेहूं से दो से तीन गुना रेट पर बिकता है। जिसके आटा वर्तमान में 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। क्योंकि इसमें एंटी ऑक्सीडेंट काफी मात्रा में हैं। जिसके प्रयोग से कैंसर, मधुमेह, तनाव और ह्दय रोगों पर अंकुश लग सकता है।
-नवंबर के अंतिम सप्ताह तक हो सकती है बुआई
सतीश चंद शर्मा ने बताया कि काले गेहूं का बीज नेशनल एग्री फूड बायो टेक्नोलॉजी मोहाली, पंजाब और हरियाणा के फतेहाबाद से मंगा सकते हैं। यह फसल नवंबर माह के अंतिम सप्ताह तक बोई जा सकती है। बताया कि जहां समान्य गेहूं में एंथोसाईनिन की मात्रा 15पीपीएम होती है, वहीं काले गेहूं में 140 पीपीएम तक होती है। जिंक की मात्रा भी इस गेहूं में अधिक होती है। वहीं इसमें पिगमेंट की मात्रा भी अधिक होती है। इसे नाबी एमजी के नाम से भी जाना जाता है।