गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से हुआ पार
गढ़मुक्तेश्वर। बिजनौर बैराज से अतिरिक्त जल छोड़ने के कारण गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 19 सेंटीमीटर बढ़ गया है। गंगा के उफान के चलते खादर के गांवों में घरों में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत बढ़ने लगी है।
पिछले 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। बृहस्पतिवार की शाम ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 198.71 मीटर(समुद्र तल से) था, वहीं शुक्रवार को बिजनौर बैराज से छोड़ा गया एक लाख 40 हजार 968 क्यूसेक पानी ब्रजघाट पहुंचने पर शुक्रवार की शाम जल स्तर में 19 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिससे जलस्तर 198.84 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर ने एक बार फिर अलर्ट का निशान पार कर लिया है। हालत यह है कि पानी लोगों के घरों तक पहुंचना शुरू हो गया है। वहीं गांवों में रास्तों पर दो से तीन फुट तक पानी आ गया है। जंगल में पानी भरने से भी चारे का संकट और भी अधिक गहरा गया है।
जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होना तय
केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को ब्रजघाट में गंगा जलस्तर 198.84 मीटर दर्ज किया गया। वहीं शुक्रवार को भी बिजनौर बैराज से एक लाख 12 हजार 429 क्यूसेक जल छोड़ा गया है। जिसके शनिवार को क्षेत्र में पहुंचने पर जलस्तर में और भी अधिक बढ़ोतरी होगी।
-199.33 मीटर पर बाढ़ का निशान
केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों के अनुसार गंगा जलस्तर के 199.03 मीटर के निशान पर पहुंचते ही अलर्ट घोषित कर ग्रामीणों को गांव छोड़ने की चेतावनी जारी कर दी जाती है, वहीं 199.33 मीटर के निशान पर पहुंचने पर बाढ़ की घोषणा कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया जाता है।
कोट-
तहसीलदार सुरेंद्र सिंह का कहना है कि जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। बाढ़ चौकियों के माध्यम से गंगा जलस्तर पर हर घंटे नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निपटने के लिए और ग्रामीणों की सहायता के लिए सभी इंतजाम पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।