गढ़ खादर क्षेत्र में रास्ते में भरा पानी के बीच से पशुओं के लिए चारा लेकर जाते किसान।
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गंगा के जलस्तर में 9 सेमी की बढ़ोतरी, मचा हड़कंप
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। गंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार को 9 सेमी और बढ़ गया। इस दौरान खादर क्षेत्र के गांवों में पानी भरने से लोग परेशान हैं। लोगों की चिंता बढ़ गई है। फसलें जलमग्न होने से ग्रामीणों के सामने चारे का संकट गहरा गया है, जो बाहरी क्षेत्रों से चारा लेकर आने के लिए मजबूर हो रहे हैं। वहीं प्रशासन बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी करने का दावा कर रहा है।
गंगा के जलस्तर में पिछले काफी समय से उतार चढ़ाव का दौर जारी है। 14 अगस्त से लगातार जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही। झमाझम बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार अतिरिक्त जल छोड़े जाने के कारण 18 अगस्त की शाम तक गढ़-ब्रजघाट में गंगा का जल्स्तर 198.70 मीटर(समुद्र तल से) पहुंच गया। जो अलर्ट से निशान से मात्र सात मीटर नीचे रह गया था। लेकिन बुधवार को जलस्तर में कमी आई, और जलस्तर 198.62 मीटर के निशान पर पहुंच गया। वहीं बिजनौर बैराज से छोड़ा गया करीब 97 हजार क्यूसेक पानी बृहस्पतिवार को गढ़ क्षेत्र में पहुंचने से एक बार फिर नौ सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जिससे बृहस्पतिवार की शाम तक ब्रजघाट में गंगा जलस्तर 198.71 मीटर के निशान तक जा पहुंचा है। उफान जारी रहने से गंगा लगातार बाढ़ के खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है। खतरे का निशान 199.03 मीटर है, जिसके चलते प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ रही है।
आबादी और जंगल में जलभराव से चारे की किल्लत हुई
- गंगा खादर के एक दर्जन गांवों के जंगल समेत आबादी के निकट बाढ़ का पानी भरा हुआ है। वहीं संपर्क रास्ते भी जलमग्र हो चुके हैं। आवागमन में दिक्कत झेलने के साथ ही ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी समस्या पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करने की है। ग्रामीण सुबह ही एकत्र होकर गढ़ के बांगर क्षेत्र समेत अन्य गांवों के लिए निकल जाते हैं। जो दिन भर खेतों समेत जंगल में खड़ी घास काटकर शाम को वापस लौटते हैं। वहीं जंगल में पानी भरने से खेतों में खड़ी फसलों के बर्बाद होने की आशंका भी बन गई है। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार को जलस्तर 198.71 मीटर रहा। लेकिन बिजनौर बैराज से बृहस्पतिवार को भी 1 लाख 40 हजार 968 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके शुक्रवार को गढ़ क्षेत्र में पहुंचने से एक बार फिर जलस्तर में काफी बढ़ोतरी होगी।
कोट
वहीं एसडीएम विजयवर्धन तोमर का कहना है कि बाढ़ से निपटने के सभी इंतजाम प्रशासनिक स्तर से पूरे किए जा चुके हैं। तहसील मुख्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम के जरिए गंगा के जलस्तर पर हर घंटे नजर रखी जा रही है। वहीं यदि ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की नौबत सामने आती है, तो राहत शिविरों में भी सभी व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। ग्रामीणों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।