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गंगा में उफान बढने पर यैलो अलर्ट का निशान करीब आया

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गंगा में बढ़ा उफान, जंगल में पानी भरने से नष्ट हो रही फसलें
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गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों की बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने से गंगा में उफान बढ़ने लगा है। गंगा का जलस्तर यैलो अलर्ट के निशान के करीब पहुंच गया है। गंगा के रौद्र रूप से खादर के किसानों की बेचैनी भी बढ़ती जा रही है। हजारों बीघा निचले जंगल में पानी भरने से फसलों में बर्बादी हो रही हैं। वहीं चारे की किल्लत भी सामने आने लगी है।
पहाड़ों पर बरस रही बारिश का कहर मैदानों से जुड़े खादर के इलके पर पड़ रहा है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से गंगा नदी ने रौद्र रूप धारण कर गढ़ खादर क्षेत्र के 15 से भी अधिक गांवों के हजारों बीघा निचले जंगल समेत आवागमन से जुड़े संपर्क रास्तों को चौतरफा अपनी चपेट में ले लिया है। पिछले एक सप्ताह से जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा, जिसके चलते गंगा में उफान बढ़ने से खादर क्षेत्र में खलबली मचने के साथ ही तहसील प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। शुक्रवार से शनिवार तक एक बार फिर गढ़-ब्रजघाट में गंगा जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों का कहना है कि शनिवार की देर शाम तक ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 198.65 मीटर के निशान तक पहुंच चुका है, जो तेजी के साथ 198.73 मीटर वाले यैलो अलर्ट के निशान की तरफ कदम बढ़ा रहा है। गंगा में उफान बढ़नेे से खादर क्षेत्र के गांव गड़ावली, लठीरा, नयाबांस, आरकपुर, बख्तावरपुर, रामपुर न्यामतपुर, काकाठेर मंढैया, कुदैनी वाली मंढैया, रामसिंह मंढैया समेत 15 से भी अधिक गांवों के हजारों एकड़ निचले जंगल समेत उसमें खड़ीं फसलें चौतरफा पानी से घिरकर नष्ट होना शुरू हो गई हैं। जंगल में जलभराव से ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे की किल्लत भी आने लगी है। जंगल के साथ ही कई संपर्क रास्तों पर करीब एक फुट पानी भरने से हजारों ग्रामीणों को आवागमन में भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
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बाढ़ राहत चौकियां सतर्क
- चेतावनी का निशान पार करने के बाद भी जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी रहने से गंगा का उफान बढ़ता जा रहा है, जिससे खादर क्षेत्र में बेचैनी बढ़ने के साथ ही तहसील प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। एसडीएम विजयवर्धन तोमर और तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजसर हल्का लेखपालों समेत राजस्व टीम को बाढ़ संभावित गांवों का दौरा कर जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी पर बारीकी से नजर रखकर तहसील मुख्यालय को स्थिति से अवगत कराए जाने की कड़ी हिदायत दी हुई है। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ संभावित गांवों में रहने वालों को भी पूरी तरह चौकसी बरतकर पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया हुआ है, जबकि जरूरत पडने पर लोगों को आवागमन के लिए नाव भी मुहैया कराई जाएंगी। तहसीलदार ने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों को पूरी तरह अलर्ट रहने और कोई भी लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बाढ़ राहत चौकियां और उनमें शामिल गांव
1-आलमपुर-भगवंतपुर : एदलपुर, प्रसादीपुर, हकीमपुर गांवड़ी, कुतुबपुर, जमालपुर, खानपुर, माकनपुर, सैदपुर, मुकीमपुर, झड़ीना।
2-अब्दुल्लापुर : इनायतपुर, कोथला खादर, अब्दुल्लापुर।
3-नक्का कुआं गढ़ : रामपुर, न्यामतपुर, मुहम्मदपुर, शाकरपुर।
4-मीरा रेती गढ़ : लठीरा, गढ़ खादर, गड़ावली, नयाबांस, बख्तावरपुर,।
5-ब्रजघाट : आलमगीरपुर, चित्तौड़ा मोहिउद्दीनपुर, मुहम्मदपुर खादर, सालाबाद, बागड़पुर, पलवाड़ा, आलमनगर खादर, नवादा खुर्द खादर।
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