गढ़ पालिका में भी एंटी करप्शन की टीम ने मारा था छापा
गढ़मुक्तेश्वर। पिलखुवा नगर पालिका में रिश्वत के मामले में पकड़ा गए कर्मचारी का मामला पहला नहीं है। इससे पहले भी गढ़ नगर पालिका में एंटी करप्शन की टीम ने छापा मारकर एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि पालिका की तत्कालीन ईओ व एक ठेकेदार पर भी मुकदमा दर्ज हुआ था। बतां दे कि छापे की सूचना मिलने पर ईओ कार्यालय में बैठा ठेकेदार रिश्वत की रकम लेकर फरार हो गया था। आरोपी ठेकेदार को पकड़ने के लिए पुलिस के अलावा एंटी करप्शन टीम ने खूब एड़ी चोटी के जोर लगाए लेकिन वह गिरफ्तार नहीं हो सका। हालांकि बाद में पालिका की तत्कालीन ईओ, कर्मचारी व ठेकेदार को जमानत मिल गई लेकिन एंटी करप्शन की टीम रकम बरामद नहीं कर सकी।
ब्रजघाट निवासी पालिका ठेकेदार गौरव मिश्रा के खिलाफ 10 मई की रात को एक आश्रम में कब्जा करने की कोशिश के तहत कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले में पालिका की तत्कालीन ईओ द्वारा ठेकेदार को ब्लेक लिस्ट करने की आड़ में 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा था। ठेकेदार ने इस संबंध में डीजीपी कार्यालय लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई थी। डीजीपी के निर्देश पर 28 जून को मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने प्रभारी केपी सिंह के नेतृत्व में पालिका में छापा मारा था।
एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई के दौरान पालिका लिपिक अब्दुल को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि बहजोई निवासी ठेकेदार भूपेंद्र चार लाख रुपये की नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गया था। इस मामले में तत्कालीन ईओ, ठेकेदार भूपेंद्र सिंह व कर्मचारी अब्दुल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
एंटी करप्शन टीम ने पालिका ईओ समेत ठेकेदार की काफी तलाश की, लेकिन दोनों में से कोई भी गिरफ्त में नहीं आ सका। जबकि दोनों ने बाहर रहते हुए ही हाईकोर्ट से जमानत मंजूर करा ली थी। वहीं लिपिक अब्दुल को भी सवा तीन महीने बाद हाईकोर्ट से ही जमानत मिल गई। तत्कालीन ईओ मेरठ जनपद की एक पालिका में तैनात हैं, लेकिन अब्दुल अभी तक बहाल नहीं हो सका है। ठेकेदार भूपेंद्र का अभी तक कोई पता नहीं है। हालांकि एंटी करप्शन की टीम आज तक उस चार लाख की रकम बरामद नहीं कर सकी है, जिसे लेकर ठेकेदार फरार हुआ था।
एसडीएम/पालिका ईओ विजयवर्धन तोमर ने बताया कि निलंबित लिपिक अब्दुल ने बहाली के लिए प्रार्थना पत्र दिया हुआ है। जिसे उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। उच्चाधिकारियों निर्देश के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।