नहीं सुधर रही गंगा ग्रामों की हालत
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा नदी किनारे स्थित गढ़ खादर क्षेत्र के गांव भगवंतपुर में सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। बारिश और गांव की आबादी का पानी रास्तों पर भरा हुआ है। वहीं खेतों तक जाने वाले रास्तों का भी बुरा हाल है। प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीणों को मुसीबत का सामना करना पड़ता है। सीएम की प्रस्तावित गंगा यात्रा को लेकर भी प्रशासन नहीं चेत रहा।
नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत गढ़ क्षेत्र के 15 गांवों को शामिल किया गया था। जिसका मुख्य मकसद गंगा किनारे बसे गांवों को स्वच्छता, स्वास्थ्य समेत शुद्ध पेयजल की सुविधा प्रदान करना है। लेकिन गढ़ ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुलपुर के माजरे गांव भगवंतपुर की हालत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। गांव के रास्तों की हालत बदतर हो रही है। ग्रामीण अरुण कुमार, अर्जुन शर्मा, नितेश, मोहित, सचिन ने बताया कि क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते आवागमन में भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत करने पर बजट पास न होने का रोना रो दिया जाता है। अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में जलभराव और गंदगी का सामना करना पड़ता है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के चलते रास्ते में जलभराव होने पर मच्छर-मक्खियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की भी संभावना बढ़ रही है।
बता दें कि केंद्र और प्रदेश सरकार लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर गांव भगवंतपुर में स्वच्छ भारत मिशन दम तोड़ता नजर आ रहा है। बीडीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सड़कों की जांच कराकर जल्द ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।