गंगा में प्रदूषण से मानवमित्र डॉल्फिन को खतरा
गढ़मुक्तेश्वर। डॉल्फिन की लगातार घटती संख्या को देखते हुए वर्ष 2012 से प्रतिवर्ष गंगा में इनकी गिनती कराई जाती है। जिसके तहत इस बार भी डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने बिजनौर के निकट बालावाली घाट से गणना शुरू की है। टीम ने रविवार की सुबह गढ़ क्षेत्र में गणना शुरू की।
मेरी गंगा-मेरी डॉल्फिन अभियान के तहत डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम डॉल्फिन की गिनती कर रही है। ये नौ अक्तूबर से लेकर 15 अक्तूबर तक चलेगी। इस अभियान में बिजनौर के निकट बालावाली घाट से ब्रजघाट होते हुए बुलंदशहर के नरौरा तक गंगा नदी में डॉल्फिन की गिनती की जाएगी। संयुक्त टीम में शामिल संजीव यादव और शाहनवाज खान ने पहले चरण में बिजनौर से डॉल्फिन की गिनती प्रारंभ की है। रविवार की सुबह रामसर साइट के ब्रजघाट क्षेत्र में पहुंचने पर डिप्टी रेंजर चमन सिंह, लोक भारती के प्रांत संयोजक भारत भूषण गर्ग, जिला संयोजक मूलचंद आर्य समेत दर्जनों लोगों ने टीम का स्वागत किया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने वन विभाग और लोकभारती के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ब्रजघाट से पूठ के बीच गंगा नदी में डॉल्फिन की गिनती की। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ प्रतिनिधि डॉ. संजीव यादव का कहना है कि मानवमित्र डॉल्फिन भारत में मुख्य रूप से गंगा और उसकी सहायक नदियों यमुना, केन, बेतवा, चंबल, घाघरा और गेरुआ नदी में पाई जाती है। शाहनवाज खान ने बताया कि गंगा समेत उसकी सहायक नदियों में डॉल्फिन की गणना का अभियान 15 अक्तूबर तक चलेगा, जिसमें कई टीम डॉल्फिन की गिनती कर रही हैं।
गंगा में गिर रहे दूषित नाले डॉल्फिन के लिए सबसे बड़ा खतरा
गुरुकुल पूठ में आयोजित कार्यक्रम में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ प्रतिनिधि डॉ.संजीव यादव समेत इंग्लैड निवासी डॉ. जिल्बरोलिक ने कहा कि गंगा में बढ़ रहा प्रदूषण डॉल्फिनों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। डॉल्फिन केवल साफ पानी में ही जीवित रह सकती है। गंगा में गिर रहे गंदे नालों पर रोक न लग पाने और लगातार बढ़ रहा प्रदूषण डॉल्फिन समेत अन्य जलीय जीवों के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि डॉल्फिन को मानव मित्र इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह मनुष्यों की तरह ही संवेदनशील होती है। लोकभारती के प्रांत संयोजक भारत भूषण ने बताया कि पूठ से संकराटीला के बीच पिछली गणना के दौरान दो डॉल्फिन दिखाई दी थीं, लेकिन इस बार पांच डॉल्फिन दिखाई दी हैं। शाहनवाज खान ने बताया कि गणना के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।