गंगानगरी क्षेत्र में खेलकूद का सपना नहीं चढ़ रहा परवान
गढ़मुक्तेश्वर। गंगानगरी क्षेत्र में खेलकूद का सपना परवान नहीं चढ़ पा रहा है। क्योंकि संबंधित अफसरों के गंभीर न होने से शासन की मंशा हवाई साबित हो रही है। क्षेत्र में अभी तक कोई स्टेडियम बन पाना तो दूर बल्कि खेलकूद का सामना तक नहीं आ पाता है, जिससे युवा वर्ग में खेलों की बजाए दूसरे कामों की तरफ रुझान बढ़ रहा है।
केंद्र और प्रदेश शासन स्तर से ग्रामीण अंचल में खेलकूद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनेकों योजना चलाई हुई हैं, जबकि गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र के दौरे पर आने वाले नेता हर बार गंगानगरी में स्टेडियम का निर्माण कराने की घोषणा कर जाते हैं। परंतु साल और दशक बीतने के बाद भी गंगानगरी में कोई स्टेडियम बन पाना तो दूर बल्कि इसके लिए भूमि का चयन और अन्य औपचारिकता पूरी किया जाना भी संभव नहीं हो पाया है। देखा जाए तो इसके लिए शासन की उदासीनता के साथ ही संबंधित विभाग और अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही भी कम जिम्मेदार नहीं है। क्योंकि खेलों से जुड़ीं योजनाओं का देहात अंचल से जुड़ी गंगानगरी में अपेक्षित स्तर पर क्रियान्वन कराने की बजाए इनका लाभ शहरी इलाकों को दिया जा रहा है। जिसके चलते ग्रामीण अंचल में छिपीं खेल प्रतिभाओं को अपेक्षित मौका न मिलने से ब्लॉक, तहसील, जिला, मंडल, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपना जलवा दिखाने का चांस नहीं मिल पा रहा है। खेलकूद को अपेक्षित स्तर पर बढ़ावा न मिलने से युवा वर्ग का रुझान इंटरनेट, मोबाइल, लैपटॉप की तरफ बढ़ रहा है। एसडीएम विजयवर्धन तोमर का कहना है कि शासन स्तर से स्टेडियम के लिए डिमांड भेजे जाने पर भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
कोट
क्षेत्रीय विधायक कमल सिंह मलिक का कहना है कि खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय स्तर से गढ़ क्षेत्र में बहुत जल्द स्टेडियम बनवाया जाएगा, जिसके लिए भूमि की तलाश भी कराई जा रही है।