गंगा में उफान से खादर में मंडराया बाढ़ का खतरा
गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के साथ ही बिजनौर बैराज से 2.27 लाख 637 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा उफान पर है। इसके कारण खादर के गांवों में बाढ़ आने का खतरा मंडरा गया है। तहसील प्रशासन ने निगरानी बढ़ाकर राहत चौकियों को अलर्ट किया।
पश्चिमी यूपी समेत दिल्ली एनसीआर क्षेत्र मानसूनी बारिश का सिलसिला अपेक्षित स्तर पर भले ही नहीं चल रहा है, लेकिन उत्तराखंड में बादल फटने के साथ ही पहाड़ों पर झमाझम बारिश का क्रम थम नहीं पा रहा है। जिससे टिहरी और हरिद्वार बांध में पानी की मात्रा बढ़ने पर बिजनौर बैराज से गंगा में पानी छोड़ने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। उत्तराखंड में शनिवार की देर रात को बादल फटने के साथ ही बिजनौर बैराज से सोमवार को 2.27 लाख 637 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की खबर से खादर क्षेत्र से जुड़े बीस से भी अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खादर के गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों में बाढ़ आने की आशंका से व्याप्त बेचैनी और भी बढ़ गई है। जिन्हें डर सता रहा है कि मंगलवार की दोपहर को उफान बढ़ने से गंगा में बाढ़ आ सकती है। सिंचाई विभाग कंट्रोल के सूत्रों का कहना है कि सोमवार की देर शाम को ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बढ़कर 198.55 मीटर के निशान तक पहुंच गया है। वहीं बिजनौर बैराज से 2.27 लाख 637 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया है, जिसके मंगलवार की सुबह तक ब्रजघाट गंगा में पहुंचने से जलस्तर में और बढ़ोतरी होने से बाढ़ जैसी स्थिति बननी संभव है।
तहसील प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी का कहना है कि उत्तराखंड में बादल फटने और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर खादर क्षेत्र के गांवों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही राहत चौकियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया। फिलहाल बाढ़ आने की कोई संभावना नहीं है मगर फिर भी एहतियाती तौर पर राहत चौकियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है।