गंगा में उफान से खादर के जंगलों तक पहुंचा पानी
गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों की बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के चलते ब्रजघाट गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। खादर क्षेत्र के जंगल के निचले हिस्सों में जलभराव होना शुरू हो गया है। जिससे ग्रामीण बाढ़ की आशंका के चलते परेशान हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों की बारिश के चलते बिजनौर बैराज से गंगा में पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। जिसके चलते गढ़ गंगा खादर और ब्रजघाट में भी गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बृहस्पतिवार की शाम तक 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने से ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 198.25 मीटर के निशान पर पहुंच गया था। वहीं बृहस्पतिवार की देर शाम छोड़ा गया पानी शुक्रवार को ब्रजघाट पहुंचने पर गंगा के जल स्तर में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी और हो गई है। जिससे जल स्तर 198.30 मीटर (समुद्र तल से) के निशान पर पहुंच गया है। जल स्तर में हो रही बढ़ोतरी के चलते गंगा खादर क्षेत्र के गांवों के जंगल में निचले हिस्सों में पानी भरने से किसानों को पशुओं के चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीणों और किसानों में बाढ़ की आशंका भी बढ़ने लगी है। वहीं सिंचाई विभाग कंट्रोल के सूत्रों का कहना है कि बिजनौर बैराज से शुक्रवार को भी 54 हजार 343 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके शनिवार की दोपहर तक ब्रजघाट पहुंचने से जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होगी। एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी का कहना है कि खतरे का निशान 199.33 मीटर है। जिसके चलते अभी क्षेत्र में बाढ़ की आशंका नहीं है। लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर से सभी इंतजाम पूरे किए जा चुके हैं।