भाकियू संघर्ष अराजनैतिक के बैनर तले बुधवार को कार्यकर्ता बड़ी संख्या में चौपला पर पहुंचे और अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान किसानों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की। एक किसान ने खुद को आग लगाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस से जमकर नोकझोक हुई।
किसानों ने बताया कि लंबे समय से उनकी समस्याओं को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसानों की प्रमुख मांगों में गन्ना मूल्य का समय से भुगतान, बिजली बिलों में राहत, सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, जर्जर सड़कों की मरम्मत और किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी शामिल है।
भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूर होकर संगठन आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने पर विचार कर सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।