आय से अधिक संपत्ति जुटाने में बिजली विभाग के पूर्व एक्सईएन बर्खास्त
हापुड़। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बिजली विभाग के आगरा मंडल में तैनात अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) ओम प्रकाश को बर्खास्त कर दिया गया है। वह हापुड़ में सहायक अभियंता भंडार के पद पर तैनात रहे हैं। उसी दौरान उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जांच में उनकी 26.92 लाख की आय के सापेक्ष 50.33 लाख व्यय करने की पुष्टि हुई है। उनकी पत्नी के नाम कई स्थानों पर प्रॉपर्टी मिलने की बात जांच में कही गई है।
हापुड़ में वर्ष 2010 में तत्कालीन सहायक अभियंता भंडार रहे ओम प्रकाश पर शशांक चौधरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसमें जनता को गुमराह कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप लगाया गया था। इसकी जांच अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा की गई। जांच में ओमप्रकाश शर्मा की चेक अवधि 22 अक्तूबर 1989 से 31 मार्च 2009 तक के आय व्यय का विवरण बिंदुवार दर्शाया गया। इसमें खुलासा हुुआ कि ओमप्रकाश शर्मा की आय कुल 26.92 लाख रुपये थी, जबकि व्यय कुल 50.33 लाख रुपये का किया गया। जांच में यह भी बताया गया कि ओमप्रकाश शर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों का कोई भी ऐसा साक्ष्य नहीं दिया, जिससे यह सिद्ध हो सके कि आरोप गलत हैं। उनकी पत्नी के नाम पर अधिकांश प्रॉपर्टी मिली।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम देवराज ने अपने पत्र में इन सभी जांचों का हवाला देते हुए ओम प्रकाश शर्मा को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया है।
29 जनवरी 2016 में हापुड़ कोतवाली में दर्ज कराया था मुकदमा
तत्कालीन सहायक अभियंता भंडारण की आय से अधिक संपत्ति को लेकर ईमेल पर वर्ष 2012 में शिकायत की गई थी। जांच में पुष्टि होने पर निरीक्षक सतर्कता उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड शक्ति भवन लखनऊ द्वारा हापुड़ कोतवाली में 29 जनवरी 2016 को रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी।
जिले के भ्रष्टाचारियों में मची खलबली
हापुड़ जिले में बिजली निगम के बहुत से अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। इस तरह की कार्रवाई के बाद से उनमें भी भय फैल गया है। उन्हें डर है कि जांच की गई तो कई पर गाज गिर सकती है।
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हापुड़ में पावर कॉरपोरेशन के प्रमुख घोटाले
नलकूप लेजरों में हेराफेरी कर 220 करोड़ का घोटाला, आधा दर्जन अधिकारियों पर एफआईआर।
गढ़ डिवीजन में फर्जी रसीदों से करोड़ों का घोटाला, दो कर्मचारियों पर एफआईआर।
मीटर की रीडिंग स्टोर मामले में लाखों का घोटाला, तीन मीटर रीडर पर कार्रवाई।
मीटर से छेड़छाड़ में एसई, एक्सईएन, एसडीओ, जेई का तबादला।
पिलखुवा और गढ़ डिवीजन के दो जेई रिश्वतखोरी और योजनाओं की अनदेखी के मामले में निलंबित।