गंगा में उफान जारी, आठ सेंटीमीटर दूर बचा येलो अलर्ट का निशान
गढ़मुक्तेश्वर। बिजनौर बैराज से पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहने से गंगा का उफान बढ़ता जा रहा है, जिससे हजारों बीघा फसल में बर्बाद हो गई है, किसानों को पशुओं के चारे की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी न रुकने से गंगा नदी में उफान बढ़ने पर येलो अलर्ट वाला निशान तेजी के साथ करीब आता जा रहा है। गंगा नदी में आ रहे उफान से खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को चौतरफा दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। क्योंकि निचले जंगल में भरा पानी बढ़ने से गन्ना, चारा, धान समेत हजारों बीघा फसलों में बर्बादी हो रही है, जिसके चलते किसानों समेत अपने घरों में पशु पालन करने वाले ग्रामीण कई मील लंबा फेर काटकर बांगर क्षेत्र के गांवों से चारा और घास लाने के लिए मजबूर हैं। गंगा का उफान थमने की बजाए और बढ़ने से खादर क्षेत्र के गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों में चौतरफा दहशत फैली हुई है। बिजनौर बैराज से बुधवार की शाम को 78 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बढ़कर 198.65 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है। जिससे येलो अलर्ट की चेतावनी का निशान अब महज आठ सेंटीमीटर की दूरी पर रह गया है। गंगा के उफान से खादर के ग्रामीणों समेत तहसील प्रशासन के माथे पर भी चिंता की लकीर उभरने लगी हैं। माना जा रहा है कि बुधवार की दोपहर को बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी बृहस्पतिवार की सुबह को आने से गंगा के जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होने का अनुमान है, इस आशंका से लोग परेशान हैं।
लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
गंगा नदी तेजी के साथ येलो अलर्ट वाले निशान की तरफ बढ़ रही है, जिसके मद्देनजर पूरी सतर्कता बरत रहे तहसील प्रशासन ने बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया है। एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी और तहसीलदार सुरेंद्र सिंह यादव ने खादर क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर गंगा के उफान से हो रही जलभराव का स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि लेखपालों समेत राजस्व टीम को बाढ़ संभावित गांवों की स्थिति पर नजर रखकर तहसील मुख्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम को रिपोर्ट भेजने का जिम्मा सौंपा हुआ है। उन्होंने बताया कि जलस्तर में बढ़ोतरी होने के बाद भी फिलहाल बाढ़ आने की कोई भी संभावना नहीं है, लेकिन फिर भी गंगा की तलहटी में बसे गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही। उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, इसलिए कोई भी लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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पालिका चेयरमैन ने प्रभावित गांवों का किया दौरा
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के उफान से खादर क्षेत्र के कई गांवों में चौतरफा हो रहे जलभराव से हजारों परिवारों को बड़ी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। तहसील प्रशासन भले ही बाढ़ जैसे हालात से फिलहाल इंकार कर रहा हो, मगर दूसरी तरफ राहत चौकियों को सक्रिय करने के साथ ही हल्का लेखपाल और राजस्व कर्मियों से लगातार निगरानी कराई जा रही है। वहीं सामाजिक और राजनीतिक संगठन भी सक्रिय होकर गंगा के उफान से प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों की सुध लेने में जुट गए हैं। पालिका चेयरमैन सोना सिंह के नेतृत्व में पालिका सभासद रियासत अंसारी, रामपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, पूर्व सभासद अनिल गुप्ता, बसपा को-ऑर्डिनेटर सुनील भारती ने कुदैनी मंढैया, रामपुर न्यामतपुर, अब्दुल्लापुर का दौरा कर पीड़ित परिवारों को खाद्य सामग्री समेत बीमारियों की गिरफ्त में फंसे मरीजों को दवा वितरित कीं। वहीं भाजपा किसान मोर्चा जिला प्रभारी ठाकुर सतबीर सिंह के नेतृत्व में नितेश, वीरपाल, देवेंद्र ने कुदैनी वाली मंढैया में पीड़ित परिवारों को दाल, चावल और बच्चों को बिस्कुट बांटे।
पॉली हाउस में पानी भरने से पूर्व पालिकाध्यक्ष के पति को लाखों की चपत
गढ़मुक्तेश्वर। पूर्व पालिकाध्यक्ष संगीता के पति हरीश पुरुषोत्तम छोटी जोत के किसान हैं, जिन्होंने अपनी कृषि भूमि को बंधक रखकर करीब 56 लाख की लागत से खादर मेला रोड किनारे पॉली हाउस बनाया हुआ है। जिसमें गंगा के उफान से इन दिनों करीब तीन फुट पानी भरने पर गुलाब का प्लांटेशन पूरी तरह बर्बाद हो गया है। पीड़ित किसान ने डीएम को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया है कि दो अगस्त से लेकर चार अगस्त के बीच उसने पॉली हाउस में करीब 12 लाख की लागत से गुलाब का प्लांटेशन कराया था, जो गंगा के उफान से हुए जलभराव में पूरी तरह बर्बाद हो गया है। पॉली हाउस को भी बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है, इसलिए नुकसान का सर्वे कराकर शासन स्तर से उचित भरपाई कराई जाए।