उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी गुड़ मंडी के बंद रहने से गन्ना किसानों पर आफत आ गई है। नगद भुगतान के फेर में सैकड़ों किसानों ने गन्ना मिलों से मुंह फेरकर क्रेशरों पर गन्ना डालना शुरू किया था, लेकिन आढ़तियों की हड़ताल से क्रेशरों का चक्का जाम हो गया है।
ऐसे में किसानों के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है। बैंकों से पर्याप्त पैसा न मिलने के कारण गुड़ गल्ला मंडी के आढ़ती अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। ऐसे में क्रेशरों का चक्का जाम हो गया है, किसानों का गुड़ मंडी में नहीं लिया जा रहा है।
शुगर मिलों से गन्ना भुगतान में देरी के चलते अनेक किसानों ने मिलों का दामन छोड़कर क्रेशरों पर गन्ना डालना शुरू किया था लेकिन अब आढ़तियों की हड़ताल के कारण इन किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
गांव सीतादेई निवासी यशवीर सिंह का कहना है कि नगद भुगतान के चक्कर में क्रेशरों पर गन्ना डाल रहे थे, लेकिन अब क्रेशर बंद होने के कारण उन्हें घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
वहीं गांव दादरी निवासी किसान मगन प्रकाश त्यागी ने कहा कि क्रेशरों का चक्का जाम होने से आर्थिक तंगी में पड़ गए हैं। पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गांव श्यामपुर निवासी किसान नरेंद्र सहवाग का कहना है कि
शुगर मिलों से गन्ना भुगतान नहीं मिलने के कारण उन्होंने क्रेशरों पर गन्ना डालना शुरू किया था, लेकिन अब क्रेशर बंद होने से उन्हें परेशानी हो रही है उधर, गन्ना गल्ला व्यापार कमेटी के पदाधिकारियों ने भी मंडी में बैठक कर आगामी रणनीति तैयार की।
इस मौके पर महामंत्री अशोक कुमार, सुनील जैन, जगदीश प्रसाद, अनूप कुमार, पीयूष, विनीत, बालकिशन आदि मौजूद रहे।