हापुड़। गाजियाबाद की जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की टीम ने करीब 11 घंटे तक गोल्डन ट्रेडिंग एजेंसी (पटाखा ट्रेडिंग) पर दस्तावेजों को खंगाला। बुधवार की सुबह करीब सात बजे जांच के बाद टीम वापस लौट गई। इस जांच टीम में 20 सदस्य शामिल रहे। टीम के अधिकारियों की जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने करीब छह करोड़ की जीएसटी चोरी की आशंका जताई है। वहीं, जांच के बाद सैकड़ों दस्तावेज जब्त भी किए गए हैं।
सोमवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे एसआईबी की 25 सदस्यीय टीम ने एजेंसी के मेरठ रोड स्थित कार्यालय और भोजपुर में गोदाम पर छापा मारा था। डिप्टी कमिश्नर बीके दीपांकर ने बताया कि एजेंसी स्वामी के प्रार्थना-पत्र पर मंगलवार की शाम करीब साढ़े सात बजे सील खोली गई थी। इसके बाद टीम ने रात करीब आठ बजे से जांच शुरू की, जो बुधवार सुबह करीब सात बजे तक जारी रही। इस दौरान सैकड़ों दस्तावेज को देखने के बाद जब्त किया गया। इसमें एजेंसी द्वारा दाखिल रिटर्न, ई-वे बिल, कैश फ्लो की स्थिति को देखा गया है।
मौके से दस्तावेज गायब
बीके दीपांकर ने बताया कि एजेंसी के बिलों में बड़ी हेराफेरी मिली है। मौके से एजेंसी के स्वामी और अन्य ने मिलकर दस्तावेज भी गायब कर दिए हैं। यह जीएसटी की चोरी गोल्डन ट्रेडिंग एजेंसी पर है। कंपनी के स्वामी अतुल चौकड़ायत, सौरभ सिंहल व गौरव सिंहल भी हैं। करीब एक करोड़ रुपये का टैक्स इन्होंने ही जमा किया है। अभी कागजों की विस्तृत प्रकार से जांच होगी। करीब पांच साल तक के बिलों और रिटर्न की जांच विभाग कर सकता है।
एक दिन बाद लौटा था व्यापारी, जमा कराए थे एक करोड़
टीम ने सोमवार को जिस समय जांच शुरू की थी, उस समय कंपनी के स्वामी अतुल चौकड़ायत माैके पर नहीं थे। कई बार फोन करके बुलाने पर भी सोमवार की शाम से लेकर मंगलवार की सुबह तक वह मौके पर नहीं पहुंचे। जिसके कारण टीम ने कंपनी के ऑफिस और गाजियाबाद के भोजपुर स्थित गोदाम को सील कर दिए थे। मंगलवार की दोपहर कंपनी स्वामी विभाग के कार्यालय पहुंचे और करीब एक करोड़ की जीएसटी जुर्माने के तौर पर जमा कराई थी।