गढ़मुक्तेश्वर। गांव सदरपुर में सर्पदंश की दहशत दो सप्ताह बाद भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आस-पास के गांवों में दिवाली के जश्न का उत्साह है। लेकिन यहां रहने वाले लोग रात को पहरा देने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जबकि घर छोड़ कर रिश्तेदारी में गए बच्चे भी अपने घर आने के लिए काफी बैचेन हैं, अब उनका रिश्तेदार में मन भी नहीं लग रहा हैं, लेकिन सांप की दहशत के बीच परिजन उन को बुलाने में अभी कतरा रहे हैं।
सांप के डसने से गांव में दो बच्चों सहित तीन की मौत हो चुकी है। दंपती व मृतक महिला की जेठानी और किसान को भी सांप डस चुका है। सांप की दहशत के कारण अधिकांश घरों में ताले लग गए हैं। बच्चों को रिश्तेदारी में भेजकर ग्रामीण रात के घर के बाहर ही सो रहे हैं। दिवाली पर बच्चे घर आने के लिए बेचैन हैं, लेकिन परिजन डर के कारण उन्हें नहीं बुला पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की टीम ने शुरूआत में तो काफी कोशिश की, लेकिन अब उनकी कार्यप्रणाली देखकर लग रहा है कि खानापूर्ति की जा रही है। क्योंकि दो सप्ताह की कोशिश के बावजूद भी सांप नहीं पकड़ा जा सका है। रात में ठंड बढ़ने के बावजूद उन्हें घरों के बाहर ही सोना पड़ रहा है। वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि सांप को पकड़ने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। रात के समय वन विभाग के कर्मचारी संभावित स्थानों पर तलाश कर रहे हैं। जल्द ही सांप पकड़ में आ जाएगा।