ब्रजघाट। गंगा स्नान करने के दौरान दोस्ती करने वाले तीन लोगों ने एक युवक से नौकरी लगाने के नाम पर उसके और रिश्तेदारों के दस्तावेज ले लिए। उसके बाद आरोपियों ने उनके नाम से अलग-अलग फर्जी कंपनी बनाकर कारोबार किया। इसकी जानकारी पीड़ित को तब हुई जब उनके रिश्तेदार के पास जीएसटी विभाग से करीब 70 लाख रुपये का नोटिस आया। पीड़ित ने न्यायालय में वाद दायर कर कार्रवाई की मांग की है।
ब्रजघाट निवासी अरुण कुमार ने बताया कि उसकी गंगा किनारे चाय की दुकान थी। दिल्ली निवासी तीन युवक अक्सर गंगा स्नान करने के लिए आते थे। जो उसकी दुकान पर आकर चाय-नाश्ता करते थे। जिसके चलते आरोपियों से उसकी दोस्ती हो गई। आरोपियों ने उसकी नौकरी लगवाने की बात कही। युवकों की बात पर भरोसा करके उसने अपने भाई और रिश्तेदार के दस्तावेज उन्हें दे दिए। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी उनकी नौकरी नहीं लग सकी। जिसे लेकर उसने कई बार युवकों से बात की, तो आरोपी उसे आश्वासन देते रहे। आरोप है कि अब उसके रिश्तेदार पर जीएसटी विभाग ने एक नोटिस भेजा है। भेजे गए नोटिस में उल्लेख किया गया है कि उनके नाम पर कंपनी बनाकर कारोबार किया गया है, जिसके बाद उन पर 70 लाख रुपये कर बकाया है। नोटिस को देखकर वह दंग रह गए। उन्होंने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने अब न्यायालय की शरण ली है। सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि उनको मामले की जानकारी नहीं है। न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा।