गढ़ क्षेत्र में लीवर कैंसर और हेपेटाइटिस ने दो और लोगों की जान ले ली। दोनों का इलाज दिल्ली के अस्पतालों में चल रहा था। गढ़ और सिंभावली के कई गांव दूषित भूजल की चपेट में है। इसलिए इन गांवों के सैकड़ों कैंसर, पीलिया, हेपेटाइटिस बीमारियों से घिरे हैं।
बहादुरगढ़ के जखैड़ा रहमतपुर गांव निवासी यूसुफ अल्वी (52) पुत्र अब्दुल रसीद फेरी पर चूरन बेचकर परिवार की गुजर बसर करता था। करीब दो माह पहले उसे हेपेटाइटिस होने का पता चला। 10 दिन पहले यूसुफ को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जहां बुधवार को उसकी मौत हो गई। इस गांव गांव में बीना, नेमपाल, गजेंद्र, हरिशंकर की कैंसर से मौत हो चुकी है। वहीं बहादुरगढ़ के लहडरा गांव निवासी किसान हरिसिंह (62) की मंगलवार रात कैंसर से मौत हो गई। उसे करीब पांच माह पहले कैंसर होने का पता चला था। उसका इलाज दिल्ली और मेरठ के अस्पतालों में चल रहा था।
रामपाल, वीरसिंह, जयपाल, रईस खां, विवेक, अनुज का कहना है कि सरकारी हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं। गांवों में हेपेटाइटिस और पीलिया से कई लोग बीमार हैं। गांव में बनी पानी की टंकी से अभी तक पानी की सप्लाई संभव नहीं हो पाई है।
हरोड़ा, गंदूनंगला, मानकचौक, हशूपुर, वैट, बक्सर, सेहल, रतूपुरा, पसवाड़ा, भगवानपुर, श्यामपुर जट्ट, डिबाई, फुलडेहरा, रझैटी, जखैड़ा रहमतपुर, सलोनी, पूठ, रहरवा, क्रियावली, शकराटीला आदि गांवों का पानी खतरनाक स्तर प्रदूषित है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम बुलाकर भूजल की जांच कराई जाएगी। दूषित भूजल वाले गांवों में टंकी निर्माण के लिए प्रस्ताव मंजूर करवाया जाएगा। - शमशाद हुसैन, एसडीएम
भूजल दूषित वाले गांवों में हेल्थ कैंप लगवाए जाएंगे। मरीजों की जांच कर मुफ्त दवा बांटी जाएगी। - डॉ. रविंद्र कुमार, सीएचसी अधीक्षक