संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। सिंचाई की अच्छी सुविधा, भूगर्भीय जल का स्तर बढ़ाने और अतिरिक्त आय के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई खेत तालाब योजना किसानों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। जिस पर शासन स्तर से 50 प्रतिशत अनुदान भी किसानों को दिया जा रहा है। यानि तालाब की खुदाई के लिए जितनी लागत आएगी, उसके आधे पैसे ही किसानों को देने होंगे।
भूमि संरक्षण निरीक्षक सतीशचंद्र शर्मा ने बताया की कृषि विभाग कि भूमि संरक्षण इकाई में किसानों के लिए जनपद हापुड़ में भी यह योजना लागू है। जिसके तहत यदि किसान अपने खेतों पर 22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा तथा 3 मीटर गहरा तालाब खुदवाना चाहते हैं, तो उसे खेत तालाब योजना के अंतर्गत 52500 रुपये का अनुदान दिया जाता है।
कर सकते हैं अतिरिक्त कमाई
सतीशचंद्र शर्मा ने बताया कि खेत में तालाब बनवाने से आसपास का भूगर्भीय जलस्तर बढ़ेगा, वहीं किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बिजली के बिल से भी मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा किसान अपने तालाब में मछली पालन के अलावा सिंघाड़े, कमल ककड़ी समेत अन्य खेती करके भी अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं। इन तालाबों में मोती की खेती भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
जनपद को मिला 16 तालाब का लक्ष्य
भूमि संरक्षण निरीक्षक ने बताया कि जनपद हापुड़ में कृषि विभाग की भूमि संरक्षण इकाई को केवल 16 तालाबों का लक्ष्य शासन स्तर से मिला है। जिसके लिए किसानों को कृषि विभाग की योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।