जिले के लोगों को अब मलेरिया की जांच कराने के लिए सरकारी लैब के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकारी अस्पतालों में ही आरडी किट के माध्यम से महज 15 मिनट में उन्हें मलेरिया की पूरी रिपोर्ट मिल सकेगी।
शासन से किट का स्टॉक स्वास्थ्य विभाग को मिल चुका है। सीएचसी और पीएचसी के अधीक्षकों को भी किट उपलब्ध करायी जा चुकी हैं। गर्मी के मौसम में मच्छर जनित रोग बढ़ने से प्रत्येक वर्ष जिले के लोगों को मलेरिया से जूझना पड़ता है।
अब से पहले सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच के लिए कोई सुविधा नहीं थी। जांच के लिए मरीज को या तो गाजियाबाद, मेरठ के चक्कर लगाने पड़ते थे, या फिर निजी लैब पर हजारों रुपये खर्च जांच करवानी पड़ती थी।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से इस बार शासन ने स्वास्थ्य विभाग को आरडी किट उपलब्ध करा दी हैं। इस किट में खून की सिर्फ दो बूंद डालनी होगी। 15 मिनट बाद ही मरीज को पता चल जाएगा कि उसे मलेरिया है या नहीं।
आशा, एएनएम को भी इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह स्वास्थ्य कर्मी देहात अंचल में लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी। ग्रामीणों को गांव में भी मलेरिया जांच की रिपोर्ट मिल सकेगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह का कहना है कि मलेरिया के मरीजों को परेशानी न हो, इस उद्देश्य से आरडी किट उपलब्ध करा दी गई हैं। अब सरकारी अस्पतालों में आसानी से मलेरिया की जांच हो जाएगी।