नकली सरसों के तेल की तरह जिले में मसालों में भी मिलावट का कारोबार तेजी से बढ़ता जा रहा है। हापुड़ नकली मसालों की मंडी बन चुका है। यहां हर दिन कई कुंतल मिलावटी मसाले तैयार होते हैं और बिक्री के लिए दूसरे जिलों में भेजे जाते हैं।
हाल ही में प्रशासन ने तेल और रिफाइंड के नमूने लेकर सख्त रूख दिखाया था, लेकिन मिलावट केवल तेल या रिफाइंड तक ही सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार मुनाफाखोर मसाले और दूसरे खाद्य पदार्थों में भी जमकर मिलावट कर रहे हैं।
होली से पहले मिलावट का धंधा और तेज हो गया है। मिलावटी मसालों के पैकेट पर किसी ब्रांड का नाम नहीं लिखा होता है। इनकी कीमत कम और यह 50 ग्राम से लेकर एक किग्रा तक के पैकेट में होते हैं। कम कीमत के कारण इसकी बिक्री अधिक होती है।
क्षेत्र की दुकानों पर धड़ल्ले से ऐसे मसालों की बिक्री हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार मसालों में स्वाद के लिए अजीनोमोटो का प्रयोग किया जाता है, जिसके बाद भूसी मिलाने पर मात्रा बढ़ जाती है।
नकली मसालों के उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वहीं, एसडीएम मीनू राणा ने बताया कि होली से पहले शहर में सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग कराई जाएगी। मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा।