गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्र के गांव झड़ीना में 15 दिन पहले पशुओं के लिए चारा काटने के दौरान घायल हुई 21 वर्षीय विशाखा की सोमवार को मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवती की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों ने बिना कार्रवाई मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया है।
गांव निवासी शीशपाल की बेटी विशाखा गांव में ही स्थित निजी स्कूल में शिक्षक थीं। परिजनों ने बताया कि आठ दिसंबर की शाम को वह घर पर ही मशीन पर पशुओं के लिए चारा काट रही थी। इसी दौरान उसका कपड़ा मशीन के पट्टे में फंस गया। हादसे में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। उसकी चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने विशाखा को तुरंत ही उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने उन्हें मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर विशाखा का उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान सोमवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। दोपहर को युवती का शव गांव में पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही युवती का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया है।