गाजियाबाद-मुरादाबाद के बीच ईएमयू चलने का सपना देख रहे यात्रियों के लिये 2016 सौगात लेकर आ रहा है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में इस ट्रैक का सीआरएस होगा, इसके बाद जनवरी के अंत तक ईएमयू का संचालन किया जाएगा।
बुधवार रात मुरादाबाद मंडल के डीआरएम के नेतृत्व में इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन का सफल ट्रायल किया गया । अब इस ट्रैक पर विद्युत संचालित मालगाड़ियों को दौड़ाने की तैयारी हो रही है।
करीब 140 किमी लंबे गाजियाबाद-मुरादाबाद रेलवे ट्रैक पर विद्युतीकरण का काम पिछले दो सालों से हो रहा था। मार्च 2015 तक इस ट्रैक पर काम पूरा किया जाना था, लेकिन किसी कारणवश कार्य तय समय पर पूरा नहीं हुआ।
दिसंबर में इस ट्रैक का काम पूरा किया जाएगा। 26 दिसंबर को इस ट्रैक पर सीआरएस का निरीक्षण करने की डेट थी, लेकिन काम पूरा नहीं होने के कारण टाल दिया गया।
बुधवार रात इस ट्रैक पर मुरादाबाद से महरौली तक इलेक्ट्रिक इंजन का संचालन किया गया। इसके बाद सीआरएस के लिए जनवरी 2016 के प्रथम सप्ताह की तिथि रखी गई है।
रेलवे सूत्रों की मानें तो अप और डाउन ट्रैक पर विद्युत इंजन दौड़ाया गया है। डीआरएम ने इस ट्रैक को हरी झंडी दिखा दी है। अब सीआरएस का जनवरी के प्रथम सप्ताह में निरीक्षण होगा। जिसके बाद विद्युत संचालित मालगाड़ी और जनवरी के अंत में ईएमयू ट्रेन इस ट्रैक पर चलाई जाएगी।
गाजियाबाद से महारौली तक बुधवार रात इलेक्ट्रिक इंजन चलाकर देखा गया। सीआरएस के लिए चिटठ्ी लिख दी गई है। उम्मीद है कि जनवरी के अंत तक इस ट्रैक पर ईएमयू दौड़ा दी जाएगी। - डीआरएम प्रमोद कुमार, मुरादाबाद मंडल