गढ़ बांगड़ आवासीय योजना को जल्द जमीन पर उतारने के लिए हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण कसरत में जुटा है। इस योजना के जरिए 80 एकड़ भूमि को विकसित की जानी है।
दरअसल, इस योजना का प्रारूप तैयार करने तथा भू्अर्जन की कार्यवाही शुरू करने के तुरंत बाद ही नया भूअर्जन कानून लागू हो गया था। हालांकि, इससे पहले प्राधिकरण अवार्ड घोषित किए जाने की कार्यवाही कर चुका था।
इसका परिणाम यह रहा कि किसी तरह करीब 20 एकड़ भूमि के मालिक किसानों ने तो मुआवजा उठा लिया लेकिन 60 एकड़ भूमि का मुआवजा किसानों ने नहीं उठाया। बल्कि किसान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
इसी चक्कर में यह योजना अधर में लटकी हुई है लेकिन अब इस योजना पर तेजी से काम शुरू करने के लिए प्राधिकरण ने कमर कस ली है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह का कहना है कि इस योजना के मुआवजे को लेकर शासन से दिशा निर्देश मांगे गए हैं।
इसी के बाद किसानों से बात कह जाएगी। उनका मानना है कि इस योजना पर काम शुरू होने से गढ़मुक्तेश्वर और ब्रजघाट का चहुंमुंखी विकास हो सकेगा।
हालांकि, ब्रजघाट पर अनेक विकास कार्य पहले से चल रहे हैं। ब्रजघाट पर हरिद्वार की तर्ज पर गंगा के किनारे लंबा चौड़ा घाट बनाया जा रहा है जिसके बनने पर श्रद्धालुओं को गंगा स्नान करने में किसी भी सीजन में कोई परेशानी नहीं होगी।