हापुड़। जनपद के 117 गांवों में कूड़ा अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य शुरू हो गया है। इसके जरिए गांवों में कूड़े को अलग-अलग कर खाद बनाई जाएगी। इसे गांवों में कूड़े के ढ़ेरों से छुटकारा मिल सकेगा।
273 ग्राम पंचायतों वाले जनपद के गांवों में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर हैं। इन कूड़े के ढेरों के कारण गांवों में गंदगी फैलती है। साथ ही गंदगी के कारण बीमारी और बदबू भी आती है। इसको लेकर ग्रामीण आए दिन शिकायत करते हैं। साथ ही साफ-सफाई को लेकर आए दिन प्रदर्शन भी होता है। गांवों में कूड़े का निस्तारण सालों से बड़ी समस्या बना हुआ है। जिसे देखते हुए केंद्र सरकार ने गांवों में ठोस कूड़ा प्रबंधन के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए थे। इसमें 117 गांवों में कूड़े के समाधान के लिए स्वच्छता भारत मिशन के तहत काम होना था। इस कार्य पर लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कार्य आचार संहिता से पहले से ही चल रहा था, लेकिन तकनीकी कारणों के कारण कार्य रुक गया था। अब फिर से कार्य शुरू हुआ है। इस कार्य के अंतर्गत घरों और गलियों से कूड़ा उठाना व कूड़े के सूखने के बाद इसे अलग-अलग किया जाएगा। कूड़े से खाद बनाकर खेती के लिए प्रयोग किया जाएगा।
इस संबंध में डीपीआरओ शिव बिहारी शुक्ला का कहना है कि गांवों में कूड़ा अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कार्य चल रहा है। आचार संहिता के बाद कार्य में और तेजी लाई जाएगी।